21st July 2024

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उत्तर प्रदेश

रिटायर्ड डीएसपी ने खुद को अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली से उड़ाया, नहीं मिला कोई सुसाइड नोट

मूलरूप से कायमगंज फर्रुखाबाद निवासी कैलाश चंद्र (73) यूपी पुलिस के डीएसपी पद से वर्ष 2010 में रिटायर हुए। उनके बेटे रवि की 1992 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी।

जानकीपुरम के सेक्टर-जे में मंगलवार दोपहर रिटायर्ड डीएसपी ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर छानबीन की। कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। घर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ली गई है। पुलिस हर पहलू पर तफ्तीश कर रही है।

मूलरूप से कायमगंज फर्रुखाबाद निवासी कैलाश चंद्र (73) यूपी पुलिस के डीएसपी पद से वर्ष 2010 में रिटायर हुए। उनके बेटे रवि की 1992 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। साल 2012 में पत्नी पुष्पा सिंह की भी सड़क दुर्घटना में जान चली गई। कैलाश चंद्र के साथ भांजा अंशु, पत्नी पूनम के साथ रहता है।

गुडंबा इंस्पेक्टर नीतीश श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब दो बजे अंशुल बच्चों को स्कूल से लेकर घर पहुंचे। तब पूनम ने बताया कि मामा काफी देर से दिखाई नहीं दिए हैं। खोजबीन करते हुए अंशुल पहली मंजिल पर पहुंचे। खिड़की से कमरे में देखा तो कैलाश औंधे मुंह पड़े दिखाई दिए। दरवाजा तोड़कर अंशुल भीतर गए तो पता चला कि कैलाश ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से कनपटी में गोली मार ली है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

नहीं सुनाई दी गोली चलने की आवाज
गुडंबा थाने के सामने अंशुल की कॉस्मेटिक की दुकान है। उन्होंने पुलिस को बताया कि दोपहर एक से दो बजे के बीच वह बच्चों को स्कूल से वापस छोड़ने व खाना खाने घर आते हैं। तब तक पूनम व मामा ग्राउंड फ्लोर पर ही थे। मंगलवार दोपहर बाद कैलाश चंद्र ने पहली मंजिल के कमरे पर जाकर खुद को गोली मार ली। उधर, पूनम ने पुलिस को बताया कि उन्हें गोली चलने की आवाज नहीं सुनाई दी।

बीमारी से थे परेशान, बेटे- पत्नी की मौत ने झकझोरा
परिजन ने पुलिस को बताया कि कैलाश चंद्र डायलिसिस पर थे। शुगर की भी बीमारी थी, जिससे बेहद तनावग्रस्त रहते थे। बेटे और पत्नी की मौत के सदमे से टूट गए थे। वे गुमशुम व शांत रहते थे।

कैमरे से पता चला कि बाहर निकले ही नहीं
परिजन के मुताबिक कैलाश सुबह मिले थे, लेकिन कुछ देर बाद से नहीं दिख रहे थे। अंदेशा हुआ कि आसपास कहीं गए होंगे। अंशुल घर पहुंचे तो सीसीटीवी कैमरा देखा, जिससे पता चला कि कैलाश घर से निकले ही नहीं। इसके बाद पहली मंजिल पर जाकर देखा गया। अंशुल के मुताबिक मामा ऊपर जाते ही नहीं थे, इसलिए उन्होंने पहले फुटेज देखी।

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