31st May 2024

देश
Trending

जयपुर में हुई ब्राह्मण महापंचायत; देश-प्रदेश के ब्राह्मणों सहित नेता,मंत्री एवम संतजन भी रहे उपस्थित

लगभग 4 लाख से अधिक विप्रजन उपस्थित, ईडब्ल्यूएस में राजनीतिक आरक्षण सहित मुख्यमंत्री उम्मीदवार तक की मांग

जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में आज ब्राह्मण महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में देशभर के ब्राह्मण समाज के लोग शामिल होने के लिए जयपुर पहुंचे। कई समाजों के नेता जुटे। ब्राह्मण समाज के जनप्रतिनिधियों के अलावा बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, गोलमा देवी सहित कई समाजों के नेता महापंचायत में पहुंचे।आयोजकों के अनुसार महापंचायत में चिंतन और मनन करके समाज के भविष्य की योजनाओं पर निर्णय किया गया।

महापंचायत में ब्राह्मण सीएम की मांग उठी। कांग्रेस-बीजेपी से 30-30 टिकट बाह्मण समाज को देने की मांग की गई। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कई नेताओं ने संबोधित किया।

 राजस्थान में ब्राह्मण समाज की 85 लाख से ज्यादा आबादी है। 50 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर सवर्ण वोट बैंक के चलते हार-जीत का फैसला होता है। राजस्थान में कुल 200 विधायकों में से 18 विधायक ब्राह्मण समाज से आते हैं। ऐसे में राजनीतिक हाशिए से फिर से मुख्यधारा में आने के लिए ब्राह्मण समाज ने शक्ति प्रदर्शन किया।आयोजकों के अनुसार महापंचायत में चिंतन और मनन करके समाज के भविष्य की योजनाओं पर निर्णय किया गया।

— महापंचायत के दौरान पूरा पांडाल केसरिया साफे और पीले रंग के झंडों से सराबोर नजर आया।
— महापंचायत में शुरू से आखिर तक पूजा, भजन आदि के साथ लोग झुमते रहें।
— महापंचायत में हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर लोगों का स्वागत किया गया।
— इस दौरान ‘एक ही नारा एक ही नाम जय श्री राम, जय श्रीराम…, जब जब ब्राह्मण बोला है, राजसिंहासन डोला है…आ गए है भगवाधारी राजतिलक की करो तैयारी.. जैसे उद्घोष लगते रहें।

महापंचायत में लाखो की संख्या में लोग पहुचे
महापंचायत में कई समाजों के नेता जुटे
महिला शक्ति भी मौजूद रही
लावा बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, गोलमा देवी सहित कई समाजों के नेता महापंचायत में पहुंचे
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित कई अन्य नेता मंत्री भी पहुचे

महापंचायत में जनप्रतिनिधि यह बोले..

कोई विधर्मी बहन—बेटी को परेशान करे तो बन जाओ परशुराम: सीपी जोशी

चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने महापंचायत में समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कोई विधर्मी हमारी बहन—बेटी को परेशान करे तो परशुराम बन जाओ। समाज में एक—दूसरे की टांग खींचना बंद करो। समाज में एक दूसरे का साथ दो।

मंदिरों पर केवल हिंदुओं का अधिकार होः घनश्याम तिवाड़ी

राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण में वह सारे लाभ मिलने चाहिए जो दूसरे आरक्षण में मिलते हैं। हमारे जितने भी सनातन धर्म के मंदिर और धर्म स्थान हैं, उन मंदिरों को सरकारी नियंत्रण में करने का अधिकार नहीं हो। जो हमारे मंदिर सरकारों के कंट्रोल में है,वे मंदिर समाज को वापस लौटाए जाएं। जिस प्रकार वक्फ बोर्ड है उसी तर्ज पर हिंदू रिलिजियस एक्ट होना चाहिए। मंदिरों पर केवल हिंदुओं का अधिकार होना चाहिए।

अश्विनी वैष्णव बोले- भगवान परशुराम पर डाक टिकट जारी होना आपकी एकता का प्रतीक

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जो एकता आपने दिखाई, इस एकता को ऐसा ही हमेशा बनाए रखना। आज ऐतिहासिक काम यह हुआ है कि भगवान परशुराम पर डाक टिकट जारी हुआ है, यह सब आप की एकता का परिणाम है।

हमारी यह एकता राष्ट्र के निर्माण में और अधर्म को दूर करने में लगेगी। आप लोग धर्म को धारण करने वाले हो, आप धर्म की रक्षा करने वाले हो। परशुरामजी ने भगवान शिव से विराट तपस्या के बाद धर्म की रक्षा के लिए फरसा प्राप्त किया था। सब में यही ऊर्जा और एकता रहनी चाहिए। मैं आपका भाई हूं। आप मुझे कभी सर मत बोलना। मुझे कभी अश्विनी जी मत बोलना, मुझे केवल अश्विनी भाई बोलना।

ब्राह्मण सीएम क्यों नहीं बन सकता : पुष्पेंद्र भारद्वाज

महापंचायत में ब्राह्मण समाज से सीएम बनाने की मांग भी उठी। कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज ने कहा कि पिछले दिनों यहीं पर एक समाज ने हुंकार भरी थी और बड़े-बड़े नेताओं ने कहा था कि उन्हें मुख्यमंत्री चाहिए। मैं कहता हूं ब्राह्मणों में कोई कमी है क्या? जो सीएम ब्राह्रमण नहीं बन सकता। राजस्थान में अगर किसी जाति की सबसे ज्यादा जनसंख्या है तो वह ब्राह्मणों की है। जब तक हम लोग राजनीति में आगे नहीं बढ़ेंगे तब तक ब्राह्मणों का भला नहीं होने वाला है। कोई जमाना था जब 60-60 विधायक ब्राह्मण हुआ करते थे। आज 17 विधायक है।

बोहरा ने कहा- महापंचायत ने कम आंकने वालों को दिया जवाब

जयपुर शहर सांसद रामचरण बोहरा ने कहा कि विप्र समाज को पहले कम करके आंका जाता था। आज की इस महापंचायत ने उनको जवाब दे दिया। आर्थिक दृष्टि से ब्राह्मण भले ही पिछड़ा हो सकता है, लेकिन सांस्कृतिक रूप से उसने एकता का काम किया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close