गोरखपुर : उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़े गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार से वाहन दौड़ने लगे हैं। कुल 91.35 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे आज से जनता के लिए खोल दिया गया, जिससे गोरखपुर और आस-पास के जिलों को राजधानी लखनऊ व पूर्वांचल के अन्य शहरों से जोड़ने में एक नई गति मिलेगी।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा विकसित की गई है। इसका निर्माण दो पैकेजों में किया गया है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक और सटीक इंजीनियरिंग का उपयोग किया गया है। यह लिंक एक्सप्रेसवे सलेमपुर (देवरिया) से शुरू होकर गोरखपुर के जगदीशपुर तक फैला हुआ है, जहां यह मुख्य पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ता है।
एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू होने से पूर्वांचल के औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को बड़ा फायदा मिलेगा। खास तौर पर गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़ और आसपास के जिलों के व्यापारिक और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।
प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का संचालन शुरू होना पूर्वांचल के लिए बड़ी सौगात है। यह न केवल क्षेत्रीय विकास को गति देगा, बल्कि निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।”
इस परियोजना के तहत अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है। एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी और पर्याप्त टोल प्लाजा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा, इस रूट के सक्रिय होने से लखनऊ से गोरखपुर तक की दूरी तय करने में लगने वाला समय लगभग डेढ़ घंटे तक कम हो गया है, जिससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश को आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ने के मिशन पर लगातार काम कर रही है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे इसी क्रम में प्रदेश की आधारभूत संरचना को नया आयाम देने वाला एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स के माध्यम से उत्तर प्रदेश को देश का इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाया जाए।



