सितारे ज़मीन पर” फिल्म के विरोध में फूटा आक्रोश, आमिर खान पर देशविरोधी मानसिकता के आरोप
रिपोर्ट: सागर शर्मा
वाराणसी : प्रणाम वंदे मातरम् समिति के बैनर तले शुक्रवार को बाॅलीवुड अभिनेता आमिर खान की नई फिल्म “सितारे ज़मीन पर” के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। समिति के अध्यक्ष अनूप जायसवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने फिल्म के पोस्टर जलाकर विरोध दर्ज कराया और आमिर खान के प्रति गहरी नाराजगी जताई।
समिति अध्यक्ष अनूप जायसवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि आमिर खान लगातार ऐसे बयानों और सोशल मीडिया गतिविधियों में लिप्त रहते हैं, जो तुर्की और पाकिस्तान जैसे भारत विरोधी देशों के समर्थन वाले प्रतीत होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आमिर खान जब भी फिल्म रिलीज करते हैं, तब अचानक राष्ट्रभक्ति की बातें करने लगते हैं, जो एक तरह से देशवासियों की भावनाओं के साथ भावनात्मक खेल है।
अनूप जायसवाल ने आमिर खान के उस पुराने बयान की भी आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें भारत में डर लगता है। उन्होंने कहा कि “जब 26/11 जैसे आतंकवादी हमले हुए, तब तो आमिर ने ऐसा कुछ नहीं कहा, लेकिन बाद में उन्होंने भारत को असहिष्णु दिखाने की कोशिश की। यह रवैया न केवल देश की छवि को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि कहीं न कहीं उनकी कमाई भारत विरोधी विचारधाराओं को बल देती है।”
प्रदर्शन के दौरान समिति के वरिष्ठ सदस्य सोमनाथ विश्वकर्मा और दीपक आर्य ने आमजन से फिल्म “सितारे ज़मीन पर” के बहिष्कार की अपील की। उन्होंने कहा कि आमिर खान जैसे कलाकार, जो समय-समय पर देश की आस्था और जनभावनाओं का अपमान करते हैं, उन्हें सबक सिखाने की ज़रूरत है।
कार्यक्रम का संचालन ओमप्रकाश यादव ‘बाबू’ ने किया। इस विरोध प्रदर्शन में धीरेंद्र कुमार शर्मा, कन्हैया लाल सेठ, आदित्य गोयनका, शंकर जायसवाल, मंगलेश जायसवाल, अजित जायसवाल, सुजीत गुप्ता, गोपाल जी गुप्ता, मनीष चौरसिया, अखिल वर्मा, धर्मचंद, निर्मल मिश्रा, साकेत चौरसिया, राजेश दुबे, विजय गुप्ता, संजय खन्ना और कमल शर्मा सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि आमिर खान भविष्य में भी इसी तरह की बयानबाजी और फिल्मों के माध्यम से देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास करते रहे, तो राष्ट्रभक्त समाज मूकदर्शक नहीं रहेगा।



