उत्तर प्रदेश

मुरादनगर : श्री हंस इंटर कॉलेज में वृक्षों को राखी इसलिए बांधी गई

रिपोर्ट : अबशार उलहक

मुरादनगर : गंग नहर स्थित श्री हंस इंटर कॉलेज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एनवायरमेंट क्लब की ओर से एक अनूठा **वृक्षाबंधन कार्यक्रम** आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल पेड़ों की रक्षा को प्रोत्साहित करना था, बल्कि युवा पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी जागृत करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद कुमार और एनसीसी ऑफिसर डॉ. अमित कुमार ने पेड़ों को हस्तनिर्मित राखियां बांधकर किया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल था, जहां छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को रचनात्मक तरीके से व्यक्त किया।

प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने अपने संबोधन में कहा, “वृक्षाबंधन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पेड़ों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और उनके संरक्षण का प्रतीक है। हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने की शपथ लेनी चाहिए। पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं, जो हमें शुद्ध हवा, छाया और स्वस्थ पर्यावरण प्रदान करते हैं। यह हमारा दायित्व है कि हम अपने आसपास के वातावरण को हरा-भरा रखें और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित करें।”

कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और एनवायरमेंट क्लब के सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। उन्होंने रंग-बिरंगी हस्तनिर्मित राखियों से पेड़ों को सजाया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। एनवायरमेंट क्लब के संस्थापक सावन कनौजिया ने बताया कि इस तरह के आयोजन न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि छात्रों में सामाजिक और नैतिक मूल्यों को भी मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर एनसीसी ऑफिसर डॉ. अमित कुमार ने भी छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा, “पेड़ हमारे मूक रक्षक हैं। हमें उनकी रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। यह कार्यक्रम हमें प्रकृति के साथ हमारे गहरे रिश्ते को याद दिलाता है।”

कार्यक्रम में गाजियाबाद टीम के सदस्य उत्कर्ष शर्मा, मनीष राठौर, परवेज, कशिश, अर्शी, जोया, आंचल, ऋतिक सहित कई अन्य छात्र-छात्राएं और शिक्षक उपस्थित रहे। इस आयोजन ने न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाई, बल्कि सामुदायिक एकता और सहभागिता को भी बढ़ावा दिया। श्री हंस इंटर कॉलेज का यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है, जो अन्य शिक्षण संस्थानों और समुदायों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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