राजधानी लखनऊ से बड़ी खबर – सीएम योगी ने न्यायिक सेवा संघ सम्मेलन में की 50 करोड़ फंड की घोषणा
लखनऊ :ब्यूरो चीफ दीपांशु तिवारी
लखनऊ। राजधानी में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें सम्मेलन में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने संघ को 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड देने की ऐतिहासिक घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायिक सेवा संघ ने अपने 102 वर्षों की गौरवशाली यात्रा में कई उपलब्धियां हासिल की हैं और इस फंड से संघ को और मजबूती मिलेगी।
सम्मेलन में प्रदेश भर से आए न्यायिक अधिकारियों, अवकाश प्राप्त न्यायाधीशों और माननीय न्यायमूर्तियों का स्वागत करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह अधिवेशन ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब भारत संविधान के अमृत महोत्सव वर्ष में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने इसे न्याय, स्वतंत्रता और बंधुता की मूल भावना से जोड़ते हुए कहा कि महाकुंभ जैसे यह अधिवेशन न्यायिक एकता और पेशेवर दक्षता का प्रतीक है।
न्याय को सुगम और त्वरित बनाना ज़रूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का जो सपना दिया है, उसी के अनुरूप उत्तर प्रदेश को भी विकसित बनाना होगा। इसके लिए जरूरी है कि न्यायिक प्रक्रिया सरल, सस्ती और समयबद्ध हो।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में जनपद और ट्रायल कोर्ट में 72 लाख मामलों का निस्तारण किया गया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। योगी ने कहा कि जितनी तेज हमारी गति होगी, उतना ही लोगों का विश्वास न्यायपालिका में बढ़ेगा।
न्याय प्रक्रिया को गति देने पर जोर
सीएम ने हाल ही में लागू हुए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा कि प्रारंभिक शंकाओं के बावजूद न्यायिक अधिकारियों ने इन कानूनों को सफलतापूर्वक लागू किया है। उन्होंने इसे न्याय व्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम बताया।
योगी ने कहा कि डिजिटल ढांचे और आधुनिक तकनीक को न्यायिक प्रक्रिया में तेजी से जोड़ा जा रहा है। ई-कोर्ट, ई-पुलिसिंग, ई-प्रिजन, ई-प्रॉसीक्यूशन और ई-फॉरेंसिक को जोड़ने के लिए इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि डेटा एनालिसिस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से मामलों के निस्तारण को और तेज किया जाएगा।
मंच पर मौजूद रहे दिग्गज
इस मौके पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली, न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता, न्यायमूर्ति राजन राय, न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के रणधीर सिंह, सभी जनपदों के न्यायाधीश, अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति गण समेत बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
कुल मिलाकर यह सम्मेलन न सिर्फ न्यायपालिका की मजबूती का संकल्प बना, बल्कि प्रदेश की न्याय व्यवस्था को और अधिक तेज़, सुलभ और पारदर्शी बनाने का रोडमैप भी पेश कर गया।



