लखनऊ: जयपुर हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत, घर में परिवार वालों का रो रो कर बुरा हाल
Published by धर्मेंद्र शर्मा
लखनऊ, 14 अप्रैल 2025: जयपुर के मनोहरपुर-दौसा हाईवे पर रविवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे ने लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके के मुसाहिब गंज में रहने वाले एक परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में एचसीएल कंपनी के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक सिंह (32), उनकी पत्नी प्रियांशी (33), छह माह की बेटी श्री, पिता सत्यप्रकाश (65) और मां रमादेवी (63) की मौके पर ही मौत हो गई। सोमवार तड़के जब सभी के शव घर पहुंचे, तो परिवार और मोहल्ले में कोहराम मच गया। हर तरफ सिर्फ चीखें और सिसकियां सुनाई दे रही थीं।
अंतिम संस्कार के दौरान टूटा हिमांशु का हौसला
सुबह 11:30 बजे परिवार और पड़ोसी शवों को लेकर गुलाला घाट पहुंचे। अभिषेक के छोटे भाई हिमांशु सिंह अपने माता-पिता, भाई और भाभी के शवों को देखकर फूट-फूटकर रो पड़े। अंतिम संस्कार के दौरान उनके हाथ कांप रहे थे। परिवार वालों ने किसी तरह उन्हें संभाला। हिमांशु ने पिता सत्यप्रकाश, मां रमादेवी, भाई अभिषेक और भाभी प्रियांशी को मुखाग्नि दी, जबकि छह माह की मासूम श्री को दफनाया गया।
हादसे ने छीनीं सारी खुशियां
शवों के घर पहुंचते ही हिमांशु बेहोश होकर गिर पड़े। घर में हर कोने से सिर्फ करुण क्रंदन की आवाजें गूंज रही थीं। पड़ोसी और रिश्तेदार एक-दूसरे को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन किसी की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। हिमांशु की पत्नी ने मासूम श्री के शव से लिपटकर विलाप किया। उन्होंने रुंधे गले से कहा, “मेरी नन्हीं भतीजी तो अभी बोलना भी नहीं सीख पाई थी। भगवान ने उसे भी हमसे छीन लिया।” परिवार मई में श्री का मुंडन संस्कार करने की तैयारी में था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
एक के बाद एक 5 मौत
सत्यप्रकाश के बड़े भाई चंद्रप्रकाश ने बताया कि हाल ही में उनके छोटे भाई सूर्य प्रकाश का हार्ट अटैक से निधन हुआ था। परिवार अभी उस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि यह बड़ा हादसा हो गया। उन्होंने रोते हुए कहा, “ऐसा लगता है कि हमारे घर से खुशियां हमेशा के लिए चली गईं।”पड़ोसियों की आंखें भी हुईं नम
पड़ोसियों ने भी इस हादसे का गम बांटा। बुजुर्गों ने अभिषेक को याद किया, जो इन्हीं गलियों में खेला-कूदा था। उसके शव को कंधा देते वक्त उनकी आंखें भर आईं। मोहल्ले में हर तरफ सन्नाटा पसरा रहा।
कैसे हुआ हादसा?
बताया गया कि परिवार खाटू श्याम मंदिर के दर्शन के लिए जा रहा था। जयपुर के मनोहरपुर-दौसा हाईवे पर गलत दिशा से आ रहे एक ट्रेलर ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सभी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना परिवार को दामाद मयंक ने दी।यह हादसा न केवल एक परिवार, बल्कि पूरे मोहल्ले के लिए एक ऐसी त्रासदी बन गया, जिसे भुलाना मुश्किल है।शब्द गणना: 500



