दोस्ती के नाम पर मिली मौत: युवक की गोली मारकर हत्या, शव नदी में फेंका
Published by अबशर उल हक
गाजियाबाद/लोनी। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से 7 जून की रात को लापता हुए युवक की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि युवक की हत्या उसी के दोस्तों ने मिलकर की थी। हत्या के बाद उसका शव बागपत के गढ़ी कालंजरी गांव स्थित नदी के पुल से नीचे फेंक दिया गया। हत्या की वजह युवक का दोस्त की बहन से कथित संबंध होना बताया जा रहा है।
शक के आधार पर पकड़े गए युवक ने किया खुलासा
परिजनों द्वारा नामजद शिकायत के बाद पुलिस ने जब जांच तेज की तो एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। पुलिस पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि मृतक उसके और अन्य दो दोस्तों का करीबी था। लेकिन मृतक का एक दोस्त की बहन से संबंध होने के कारण तीनों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची।
अपहरण कर पुल के पास दी गई वारदात को अंजाम
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने हत्या की योजना की पूरी जानकारी दी। उसने बताया कि 7 जून की रात को मृतक को चिरोड़ी गांव से जबरन कार में बैठाकर गढ़ी कालंजरी नदी पुल के पास ले जाया गया। वहां उसे गोली मार दी गई और शव को पुल से नीचे फेंक दिया गया। हत्या के बाद सभी आरोपी घर लौट गए और घटना को छिपाने का प्रयास किया।
परिजनों ने जताई थी आशंका, दर्ज कराई रिपोर्ट
मृतक के परिजनों ने उसके गायब होने के बाद उसके दोस्तों पर शक जताया था। उन्होंने 3 नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ लोनी थाने में अपहरण व हत्या की शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप था कि उनके बेटे का पहले अपहरण किया गया और फिर हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद आरोपी हुए फरार
शिकायत दर्ज होने के बाद से आरोपी और उनके परिजन घर छोड़कर फरार हो गए। फोन भी बंद आने लगे। पुलिस ने लगातार दबाव बनाकर एक आरोपी को मंगलवार देर रात हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने पूरे मामले का खुलासा किया, जिससे घटना की पुष्टि हुई।
शव की तलाश में जुटी पुलिस, एनडीआरएफ को लिखा गया पत्र
फिलहाल पुलिस को मृतक का शव अभी तक नहीं मिला है। शव की तलाश के लिए नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। इसके लिए एनडीआरएफ की मदद ली जा रही है। एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि डेड बॉडी मिलने के बाद मेडिकल और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस फरार चल रहे अन्य दो आरोपियों और उनके परिजनों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का मानना है कि मुख्य आरोपी के बयान के बाद अन्य गिरफ्तारियों से मामले की और भी परतें खुल सकती हैं।
इस वारदात ने एक बार फिर दोस्ती के नाम पर हुए धोखे को उजागर किया है, जहां विश्वास के रिश्ते को खुद दोस्तों ने ही खून से रंग दिया। पुलिस अब शव बरामद करने और बाकी आरोपियों को पकड़ने में जुटी हुई है।



