1 लाख रूपए रिश्वत ना देने पर बढ़ा दी गई चौकी इंचार्ज द्वारा धारा: पीड़ित ग्रामवासी
ब्यूरो रिपोर्ट

गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र में कुशलिया गांव में बीते 01/03/2025 की घटना को एक तरफा दिखाकर कार्रवाई करने वाले चौकी इंचार्ज व उनके साथ साठगांठ करने वाले युवको के खिलाफ आलाअधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया जिसमें पीड़ित ग्रामवासी ने बताया कि 1 मार्च को ग्राम कुशलिया थाना मसूरी जनपद गाजियाबाद में सन्तोष की पुत्री की बारात आयी थी, जिसमें बारातियों डीजे बजाया जा रहा था। ग्राम के सम्मानित व्यक्तियों द्वारा बारातियों से कहा गया कि अभी यहाँ कुछ दिन पहले जवान मौत हुई है, आवाज कम कर लो, जिस पर बाराती सम्मानित व्यक्तियों पर भड़क गये और कहा की डीजे यहीं बजेगा और तेज आवाज में बजेगा, जो होता हो कर लो, जिसको लेकर दोनों पक्षों में कहा सुनी हुई। जिसकी सूचना तुरंत ग्रामवासी ने पुलिस को दी। मगर उस दौरान घनश्याम सैनी, सन्तोष सैनी, छज्जू सिंह ने जेल चौकी इंचार्ज प्रशान्त गौतम से साठगांठ करके उल्टे ग्राम के नवयुवक रिहान पुत्र जहाँगीर, रिहान पुत्र इमरान, रिदान पुत्र फजरू, अनस पुत्र फजरू, साकिब पुत्र जमील व कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध जिनमें दो नाबालिंग भी है के विरुद्ध फर्जी एक तरफा मुकदमा दर्ज करा दिया।
वही पीड़ित ग्रामवासी का कहना है कि थाना मसूरी जेल चौकी इंचार्ज ने उक्त फर्जी मुकदमें में हमसे एक लाख रूपए की मांग करते हुए कहा कि मैंने तुम्हारा केस हल्का कर दिया है, मुझे एक लाख रूपए दो, नही तो धारा बढाकर जेल भेज दूंगा। हम लोग गरीब परिवार से है व पैसे न होने के कारण पैसे देने से इनकार कर दिया तो चौकी इंचार्ज ने रिहान पुत्र जहाँगीर पर आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी कर दी जिसमें वहां मौजूद लोगो का कहना है कि उसके हाथ में चाबी थी जिसको चौकी इंचार्ज द्वारा चाकू बनाया गया। साथ ही गांव का माहौल खराब करने पर उतारू हो गए जिसमे दिनांक 02/ 03/2025 को गांव के राजेन्द्र की पुत्री की शादी थी जिसका घर मस्जिद से काफी पहले ही है मगर जेल चौकी इंचार्ज व उनके सहयोगी पुलिस कर्मी ने घश्याम सैनी, सन्तोष सैनी, छज्जू सिंह, कुलदीप, गगन, हरीश, हरिओम, भीम, मोनू, दीपक, आदेश, रोहित, छ्ज्जू का छोटा पुत्र व अन्य 100-150 संगठनों के व्यक्तियों को बुलाकर साम्प्रदायिक दंगा भड़काने की नियत से पीछे ही डीजे को ना रोककर उसको मस्जिद के सामने जोर से काफी तेज आवाज में बजाया गया। गाँव के लोगों द्वारा मौजूद पुलिस से कहा गया कि आप ये गलत काम करा रहे हो, और रात में 10:00 बजे के बाद तो डीजे बजाना भी कानूनन अपराध है। इस पर पुलिसवालों ने भड़कते डुए कहा कि तुम लोग हमें कानून सिखाओंगे, डीजे यही मस्जिद के सामने बजेगा, इस मामले की उच्च अधिकारियों से शिकायत करने व कानूनी कार्यवाही करने पर महिलाओं को जेल भेजने की धमकी दी गयी।



