19th July 2024

एक दर्जन से अधिक मुकदमे फिर भी निकला बदमाश रेकी करने, चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़ में थाना प्रभारी ध्रुव भूषण दूबे ने बदमाश को ठोकासेक्टर 24 थाना प्रभारी ध्रुव भूषण दूबे के द्वारा पकड़ा गया सीमेंट से भरा चोरी हुआ ट्रैक्टर, 24 घंटे में किया चोरी की घटना का खुलासासेक्टर 24 थाना प्रभारी ध्रुव भूषण दूबे ने दिनदहाड़े 17 मुकदमे वाले बदमाश को चेकिंग के दौरान मुठभेड़ में ठोकायूट्यूब पर विज्ञापन चला कर बेरोजगार युवकों को रोजगार देने के नाम पर लाखो की ठगी करने वाला गैंग चढ़ा पुलिस के हत्थे,थाना सेक्टर 24 प्रभारी ध्रुव भूषण दूबे ने चेकिंग के दौरान बदमाश को रोका तो पुलिस पर किया फायर,जवाबी कार्यवाही में पुलिस ने ठोका
उत्तर प्रदेश

प्रदेश के सभी 13 मेडिकल कॉलेजों को नहीं मिली मान्यता, एनएमसी ने कहा कि पूरे नहीं हैं मानक

लखनऊ ब्यूरो

प्रदेश के सभी 13 मेडिकल कॉलेजों को नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी)ने मान्यता देने से इनकार कर दिया है। इसकी वजह कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षकों एवं अन्य संसाधनों की कमी है। यह चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए जबरदस्त झटका है। क्योंकि इन कॉलेजों को मान्यता मिलती तो प्रदेश में एक साथ एमबीबीएस की 1300 सीटें बढ़ जातीं। अभी यहां सरकारी क्षेत्र की एमबीबीएस की 3828 और निजी क्षेत्र की 5450 सीटों हैं।

प्रदेश में हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना है। इसके तहत करीब सालभर पहले 13 स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हुए। इन कॉलेजों की मान्यता के लिए एनएमसी में आवेदन किया गया। एनएमसी की टीम ने 24 जून को स्थलीय निरीक्षण कर कमियां गिनाईं। फिर इसे दूर करे के लिए सप्ताहभर बाद वर्चुअल बैठक हुई। कुछ कमियां दूर की गईं, लेकिन संकाय सदस्यों (फैकल्टी )की कमी की वजह से प्रदेश के सभी 13 कॉलेजों को मान्यता देने से इनकार कर दिया है। अब संबंधित कॉलेजों के प्रधानाचार्य को नए सिरे से अपील करने का निर्देश दिया गया है

 

इन जिलों में बने हैं कॉलेज
स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज कुशीनगर, कौशांबी, सुल्तानपुर, कानपुर देहात, ललितपुर, पीलीभीत, ओरैया, सोनभद्र, बुलन्दशहर, गोंडा, बिजनौर, चंदौली और लखीमपुर खीरी जिले में बने हैं। सत्र 2024-25 में इन कॉलेजों को एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी थी।

अब आगे क्या है रास्ता
सभी मेडिकल कॉलेज कमियां दूर कर एनएमसी में अपील कर सकते हैं। अपील के लिए 15 दिन का समय है। ज्यादातर मेडिकल में भर्ती प्रक्रिया चल रही है, लेकिन जहां 50 फीसदी से ज्यादा पद खाली हैं वे निर्धारित समय में भर पाएंगे इस पर संशय है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close