31st May 2024

देश

सरकार ने लोकसभा में पेश किया दिल्ली सेवा विधेयक; शाह बोले- विपक्ष का विरोध राजनीति से प्रेरित

लोकसभा में GNCT (संशोधन) विधेयक 2023 पर क्या बोले अमित शाह

भारी हंगामे के बीच आखिरकार सरकार ने लोकसभा में दिल्ली सेवा अध्यादेश को बदलने के लिए विधेयक पेश किया। गृहमंत्री अमित शाह की ओर से गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इसे पेश किया। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संसद को दिल्ली के लिए कानून बनाने का अधिकार है। इस पर आपत्ति करना राजनीति से प्रेरित है। वहीं, विपक्षी सांसदों ने इस दौरान सदन के भीतर जमकर हंगाना काटा। हालांकि सदम में हंगामे के कारण इस विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी, अब कल इस पर चर्चा होगी। बता दें कि लोकसभा की कार्यवाही कल 2 अगस्त तक के लिए स्थगित की गई है।

क्या बोले अमित शाह
लोकसभा में GNCT (संशोधन) विधेयक 2023 पर बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संविधान ने सदन को दिल्ली राज्य के संबंध में कोई भी कानून पारित करने की शक्ति दी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने साफ कर दिया है कि दिल्ली राज्य को लेकर संसद कोई भी कानून ला सकती है। सारी आपत्ति राजनीतिक है। कृपया मुझे यह बिल लाने की अनुमति दें।

विपक्षी सांसदों ने शुरू किया विरोध
वहीं, जैसे ही गृह मंत्री शाह ने इस विधेयक पर बोलना शुरू किया, आम आदमी पार्टी के सांसद शुशील कुमार रिंकू ने विरोध जताना शुरू कर दिया। वे वेल में भी आ गए। सरकार के खिलाफ विपक्ष की नारेबाजी के बीच रिंकू ने कहा कि मुझे बोलने का मौका नहीं दिया गया। यह लोकतंत्र की हत्या है। आप भीमराव अंबेडकर का अपमान कर रहे हैं। इस दौरान रिंकू और कांग्रेस सदस्य टी एन प्रतापन को आसन के सामने कागज फेंकते देखा गया।

लोकसभा स्पीकर ने लगाई फटकार
हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों को उनके व्यवहार के लिए फटकार भी लगाई। उन्होंने कहा कि सभी को बोलने के लिए समय दिया जाएगा। इस तरह का व्यवहार अच्छा नहीं है। देश देख रहा है।

केंद्र इसके जरिए लोकतंत्र को कमजोर करना चाह रहा- अधीर रंजन चौधरी
वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर चौधरी ने बिल पेश करने पर चर्चा करते हुए कहा कि यह विधेयक राज्यों के क्षेत्र में सरकार के अपमानजनक उल्लंघन को सही ठहराता है। यह संघवाद में सहयोग के लिए कब्रिस्तान खोदने के लिए बनाया गया है। इसका उद्देश्य दिल्ली सरकार की शक्तियों पर अंकुश लगाना है। केंद्र इस कदम के माध्यम से लोकतंत्र को कमजोर करना चाहता है।

सरकार को मिला बीजद का साथ
सरकार को दिल्ली सेवा विधेयक पर बीजद का साथ मिला है। बीजद ने एलान किया है कि वह दिल्ली सेवा विधेयक को लेकर सरकार का समर्थन करेगी। वहीं विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करेगी। बीजद के राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने यह जानकारी दी है। बता दें कि बीजद के राज्यसभा में नौ सांसद हैं। बीजद के एलान से सत्ताधारी एनडीए को राज्यसभा में विधेयक पास कराने में खासी मदद मिलेगी।

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