उत्तर प्रदेश

पटहटिया बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समिति पर खाद वितरण को लेकर उग्र स्थिति : पुलिस प्रशासन के सहयोग से समिति ने किया खाद वितरण

Published by: ब्यूरो चीफ दीपांशु तिवारी


गौरा। बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समिति पटहटीया कला में आज सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें खाद वितरण के लिए लगी रहीं। यूरिया खाद प्राप्ति के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। लेकिन जैसे ही खाद वितरण प्रक्रिया शुरू हुई, वहां हंगामा शुरू हो गया। किसानों में तनाव की स्थिति बन गई और स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन को आनन-फानन में पुलिस बल की मदद लेनी पड़ी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खाद का स्टॉक सीमित था और काफी संख्या में किसान खाद लेने पहुंचे थे, जिससे विवाद की स्थिति बन गई। कई किसान खाद प्राप्त करने में असफल रहे। चार घंटे से अधिक समय लाइन में खड़े रहने के बाद भी कुछ किसान खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए। इस दौरान किसानों ने समिति  प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए कि उन्हें खाद नहीं दी जा रही है और भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। भीड़ के हंगामे को देखते हुए समिति प्रशासन ने खुद भी स्थिति से हाथ खड़े कर दिए थे।

हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को शांतिपूर्वक संभाला। हर किसान को बारी-बारी से यूरिया खाद प्रदान की गई, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता ना हो। पुलिसकर्मियों ने अत्यंत संयम और धैर्य के साथ किसानों को समझाते हुए व्यवस्थित रूप से खाद का वितरण कराते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। समिति प्रशासन और पुलिस के संयुक्त प्रयास से ही यह मारामारी शांतिपूर्वक पूरी हुई।

खाद की सीमित उपलब्धता के बावजूद समिति  प्रशासन ने किसानों के बीच समान वितरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया। फिर भी कई किसानों का कहना रहा कि पर्याप्त स्टॉक नहीं होने के कारण उन्हें खाद नहीं मिल पाई। खबर लिखे जाने तक खाद वितरण केंद्र पर भारी भीड़ जुटी हुई थी, जबकि खाद की उपलब्धता बहुत ही न्यूनतम थी।समिति प्रशासन की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि आगामी समय में किसानों को बेहतर सुविधा और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थाएं सुदृढ़ की जाएंगी।

ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की व्यवस्था से वे बहुत परेशान हैं और सरकार से खाद वितरण में पारदर्शिता लाने की मांग की गई है। इस घटनाक्रम ने समिति प्रशासन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। भविष्य में ऐसे विवाद न हों, इसके लिए समुचित योजना बनाकर वितरण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना आवश्यक है।

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