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गेमिंग बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी, ड्रीम-11, एमपीएल व जूवी ने रोके नकद भुगतान वाले खेल

प्रतापगढ़:ब्यूरो चीफ दीपांशु तिवारी

लखनऊ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को शुक्रवार को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके साथ ही देश में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े नियम-कानून लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब सरकार इस नए कानून से जुड़े नियमों को तैयार करेगी और उन्हें अधिसूचित करने का कार्य प्रारंभ करेगी।

 

इस कानून का उद्देश्य देश में ई-स्पोर्ट्स को वैध मान्यता देना और ऑनलाइन सोशल गेम्स को प्रोत्साहित करना है। लेकिन साथ ही ऑनलाइन मनी गेमिंग यानी नकद धनराशि के साथ खेले जाने वाले खेलों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। विज्ञापन, प्रचार-प्रसार और ऐसे खेलों से जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन भी अवैध माने जाएंगे।

 

कानून का उल्लंघन करने वालों पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। सेवा प्रदाता कंपनियों, विज्ञापनदाताओं और प्रमोशन करने वालों पर भारी जुर्माना लगेगा। साथ ही डिजिटल उपकरणों व संपत्तियों की जब्ती, बिना वारंट गिरफ्तारी तथा सख्त जांच जैसे प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

 

भारतीय क्रिकेट टीम की प्रायोजक रही ड्रीम-11 ने बिल पास होने के बाद बड़ा कदम उठाते हुए नकद भुगतान से जुड़े सभी फैंटेसी गेम्स को रोक दिया है। ड्रीम स्पोर्ट्स के स्वामित्व वाली यह कंपनी अब सिर्फ फ्री टू प्ले और नॉन-कैश गेमिंग विकल्प ही उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराएगी।

 

इसी प्रकार एमपीएल और जूवी जैसी अन्य बड़ी गेमिंग कंपनियों ने भी नकद लेन-देन वाले खेलों को बंद करने की घोषणा कर दी है। कंपनियों का कहना है कि उपभोक्ताओं के पास पहले से जमा धनराशि सुरक्षित रहेगी और उन्हें वापस निकालने की सुविधा भी दी जाएगी।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून भारत में ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री के लिए बड़ा बदलाव साबित होगा। एक ओर जहां इससे ई-स्पोर्ट्स और कौशल आधारित सोशल गेम्स को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर जुआ और सट्टेबाजी जैसी प्रवृत्तियों पर अंकुश लगेगा।

 

कानून के लागू होने से हजारों करोड़ का कारोबार करने वाली ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियों को अपने बिज़नेस मॉडल में बड़ा बदलाव करना पड़ेगा। यह कदम आने वाले समय में डिजिटल गेमिंग सेक्टर को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।

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