मुरादनगर में धारा-163 का खुलेआम उल्लंघन, इस संगठन ने बनाया कानून का मज़ाक
Published by धर्मेंद्र शर्मा
गाजियाबाद के मुरादनगर में एक संगठन ने मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने के नाम पर ऐसा तमाशा खड़ा किया कि शहरभर में हंगामा मच गया। मेरठ से संचालित अल्वी समाज ने गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर द्वारा लागू धारा-163 (पूर्व में धारा-144) की खुलेआम धज्जियां उड़ाईं। ईदगाह रोड पर ताज पैलेस में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोग, जिनमें दूसरे जिलों से आए मेहमान भी शामिल थे, बिना किसी अनुमति के जुटे। यह धारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाई गई थी, मगर संगठन ने इसे ठेंगा दिखाते हुए अपने मकसद को प्राथमिकता दी।
शहर में इस बात की जोरदार चर्चा है कि आखिर मेधावी बच्चों को सम्मानित करने का दावा करने वाला यह संगठन उन्हें क्या सीख दे रहा है? जब कानूनी आदेशों की ऐसी अनदेखी की जाएगी, तो बच्चे आधिकारिक नियमों का सम्मान कैसे करेंगे? सूत्रों के मुताबिक, न तो इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति ली गई, न ही मेहमानों की कोई सूची उपलब्ध कराई गई। इस लापरवाही ने न केवल कानून का मज़ाक उड़ाया, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए।
स्थानीय लोगों में गुस्सा है कि ऐसे आयोजनों से न सिर्फ कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ती हैं, बल्कि बच्चों के सामने गलत उदाहरण भी पेश होता है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस संगठन के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?



