उत्तर प्रदेश

श्री काशी विश्वनाथ धाम के स्वर्ण शिखर पर लगातार तीसरी बार दिखा सफेद उल्लू, भक्तों ने माना शुभ संकेत

ब्यूरो चीफ दीपांशु तिवारी

वाराणसी। भारतीय वैदिक परंपराओं में उल्लू को मां लक्ष्मी का वाहन माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यदि उल्लू का रंग सफेद हो तो यह अत्यंत शुभ और समृद्धि का प्रतीक होता है। इसी मान्यता के बीच काशी विश्वनाथ धाम में एक अद्भुत संयोग देखने को मिला, जब बाबा विश्वनाथ के स्वर्ण शिखर पर लगातार तीसरी बार एक सफेद उल्लू दिखाई दिया।

 

तीन दिनों से जारी है श्वेत उल्लुओं का दिखाई देना । हर रात आरती के समय भक्तों और दर्शनार्थियों ने इस अलौकिक दृश्य को देखा और इसे ईश्वरीय आशीर्वाद का प्रतीक माना। लोगों का कहना है कि बाबा विश्वनाथ के दरबार में इस तरह का शुभ संकेत आना पूरे काशी ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए सौभाग्य का द्योतक है।

 

धार्मिक महत्व

 

हिंदू शास्त्रों में उल्लू को मां लक्ष्मी का वाहन कहा गया है और सफेद उल्लू को अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जहां सफेद उल्लू का दर्शन होता है वहां मां लक्ष्मी की कृपा विशेष रूप से बनी रहती है। यही कारण है कि भक्तों में इसे लेकर भारी उत्साह और आस्था देखने को मिल रही है।

 

मंदिर प्रशासन ने दी जानकारी

 

भक्तों में उमड़ा उत्साह

 

इस चमत्कारी घटना की खबर फैलते ही भक्तों में भारी उत्साह का माहौल है। धाम में आने वाले श्रद्धालु इसे बाबा विश्वनाथ और मां लक्ष्मी की संयुक्त कृपा मानते हुए विशेष पूजा-पाठ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लोगों ने अपनी आस्था और भावनाएं व्यक्त की हैं।

 

धार्मिक जानकारों का मानना है कि यह दुर्लभ दृश्य काशी की आध्यात्मिकता और आस्था को और अधिक मजबूत करता है।

 

👉 कुल मिलाकर, बाबा विश्वनाथ धाम के स्वर्ण शिखर पर सफेद उल्लू का लगातार तीन दिन तक दिखना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भक्तों के लिए यह अपार आस्था और विश्वास का प्रतीक बन गया है।

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