14th January 2026
उत्तर प्रदेश

15 सितंबर से शुरू होगी मुरादनगर की भव्य रामलीला, शिव बारात और लेजर शो लाएंगे रंग!

रिपोर्ट : अबशार उलहक

मुरादनगर : भक्ति, संस्कृति और आधुनिकता के अनूठे संगम के साथ मुरादनगर में इस साल की रामलीला और भी भव्य होने जा रही है। श्री बड़ी रामलीला कमेटी ने सोमवार को श्री बाला जी मंदिर, ब्रह्मपुरी में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ रामलीला मंचन की तैयारियों का शानदार शुभारंभ किया। इस दौरान हनुमान जी को चोला चढ़ाकर और उन्हें प्रथम निमंत्रण देकर कमेटी ने 15 सितंबर से 3 अक्टूबर तक होने वाले रामलीला महोत्सव के कार्यों की शुरुआत की।

म्यूजिकल लेजर शो और शिव बारात का भव्य आयोजन

कमेटी के अध्यक्ष नितिन गोयल ने उत्साह के साथ बताया कि इस बार रामलीला मंचन को और भी आकर्षक बनाने के लिए म्यूजिकल लेजर शो का आयोजन किया जाएगा, जो दर्शकों के लिए एक अनूठा अनुभव होगा। इसके अलावा, 15 सितंबर को रात के समय नगर में भव्य शिव बारात निकाली जाएगी, जो भक्ति और उल्लास का माहौल बनाएगी। गोयल ने कहा, “हमारा प्रयास है कि रामलीला का यह आयोजन हर वर्ग के दर्शकों के लिए यादगार बने। म्यूजिकल लेजर शो और शिव बारात के साथ हम भक्ति, संस्कृति और आधुनिकता का अनोखा समन्वय प्रस्तुत करेंगे।”

कमेटी का जोश और जुनून

शुभारंभ समारोह में कमेटी के प्रमुख पदाधिकारियों और सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस अवसर पर सतीश मित्तल, बुद्धगोपाल गोयल, धर्मप्रकाश नेता जी, परमानंद गर्ग, दीपक मित्तल, कोषाध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता, अरविंद सिंघल, अंकुर मित्तल, राजेंद्र सक्सेना, महामंत्री मोहित गर्ग, मोहित मुंडे, विपिन गर्ग, ललित गोयल, नीरज जांगिड़, नवीन गर्ग, प्रशांत खटीक, हरिमोहन गोयल सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस आयोजन को भव्य बनाने का संकल्प लिया।

डिजिटल मीडिया से होगा रामलीला का प्रचार

श्री बड़ी रामलीला कमेटी इस बार डिजिटल युग के साथ कदमताल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। रामलीला के प्रचार के लिए सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग किया जाएगा। जहां म्यूजिकल लेजर शो के साथ लाइव अपडेट्स, वीडियो टीजर्स और आयोजन की झलकियां साझा की जाएंगी। कमेटी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं और बच्चों को भी इस सांस्कृतिक उत्सव से जोड़ने की योजना बनाई है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर पोस्टर, बैनर और समुदायिक बैठकों के माध्यम से भी प्रचार को गति दी जाएगी।

रामलीला का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व 

रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। कमेटी के महामंत्री मोहित गर्ग ने कहा, “रामलीला हमें भगवान राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन से प्रेरणा लेने का अवसर देती है। इस बार हम इसे और भी भव्य और समावेशी बनाना चाहते हैं, ताकि हर व्यक्ति इस उत्सव का हिस्सा बन सके।”

दर्शकों से अपील

कमेटी ने मुरादनगरवासियों से अपील की है कि वे इस भक्ति और संस्कृति के महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। रामलीला के मंचन के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, भक्ति भजनों और नाट्य प्रस्तुतियों का भी आयोजन होगा, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगा।

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