लंदन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर विचार-मंथन, डॉ. डी.के. गुप्ता रहे गेस्ट ऑफ ऑनर
Published by धर्मेंद्र शर्मा
नोएडा/लंदन। ब्रिटेन की संसद हाउस ऑफ लॉर्ड्स में सोमवार को आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर गहन चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण आयोजन में भारत और यूनाइटेड किंगडम की न्यायिक प्रणालियों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया। नोएडा स्थित फेलिक्स हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. धर्मेन्द्र कुमार (डी.के.) गुप्ता को इस कार्यक्रम में गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में आमंत्रित किया गया।
डॉ. डी.के. गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा, “मुझे गर्व है कि मैं इस ऐतिहासिक मंच का हिस्सा बना। जब हम विकसित भारत की बात करते हैं, तो न्याय, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे स्तंभों को दरकिनार नहीं किया जा सकता। इन तीनों के बिना कोई भी देश पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सकता।”
उन्होंने भारत में तकनीकी प्रगति की सराहना करते हुए टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को सराहा, लेकिन यह भी कहा कि ग्रामीण भारत तक इन सेवाओं की समुचित पहुंच अब भी एक चुनौती है। डॉ. गुप्ता ने भारत और यूके के बीच न्यायिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि दोनों लोकतंत्र परस्पर अनुभव साझा कर, पारदर्शिता और सुगमता में वृद्धि कर सकते हैं।
कार्यक्रम के आयोजक लॉर्ड रामी रेंजर एफआरएसए ने भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने और नीतिगत चर्चाओं को गति देने के उद्देश्य से इस आयोजन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने डॉ. गुप्ता का विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका अनुभव और दृष्टिकोण कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक ले गया।
कार्यक्रम का आयोजन हाउस ऑफ लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित चोलमोंडले रूम एंड टैरेस में किया गया, जिसमें ब्रिटेन और भारत के शिक्षाविद, डॉक्टर्स, नीति-निर्माता व वरिष्ठ जनप्रतिनिधि शामिल हुए। ब्रिटिश संसद के वरिष्ठ सदस्य एंड्रू रोसिंडल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने भारत-ब्रिटेन संबंधों की ऐतिहासिक गहराई और न्यायिक सुधार में सहयोग की जरूरत को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के समापन पर एक औपचारिक रात्रिभोज का आयोजन किया गया, जहां दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने आपसी अनुभवों का आदान-प्रदान किया और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।



