उत्तर प्रदेश

ओम सन पब्लिक स्कूल में ‘कर्मयोग’ पर वाद-विवाद प्रतियोगिता

रिपोर्ट : हैदर खान

दिल्ली मेरठ रोड़ स्थित ओम सन पब्लिक स्कूल, मुरादनगर में आयोजित ‘कर्मयोग: निःस्वार्थ कर्म का मार्ग’ विषयक वाद-विवाद प्रतियोगिता ने छात्रों के ज्ञान, आत्मचिंतन और अभिव्यक्ति कौशल की एक अनुपम झलक प्रस्तुत की। 4 अक्टूबर को संपन्न इस प्रतियोगिता में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और भगवद्गीता के सिद्धांतों से प्रेरित होकर आधुनिक संदर्भ में कर्मयोग की प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे।

‎प्रतियोगिता का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक अशोक गुप्ता के प्रेरणादायक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने विजेताओं और सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा, “निःस्वार्थ भाव से किया गया कार्य ही कर्मयोग कहलाता है। कर्मयोग हमें सिखाता है कि फल की इच्छा किए बिना कर्तव्यों का पालन करें। यह न केवल व्यक्तिगत विकास का मार्ग है, बल्कि समाज को भी सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। हमारे छात्रों ने इस विषय पर जिस परिपक्वता से विचार व्यक्त किए, वह सराहनीय है। मुझे गर्व है कि हमारे विद्यालय में ऐसे संवेदनशील और प्रतिभाशाली छात्र हैं।” गुप्ता जी ने सभी छात्रों को कर्मयोग के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में उतारने की प्रेरणा दी।

‎वाद-विवाद में छात्रों ने कर्मयोग के मूल सिद्धांतों, गीता में इसके महत्व तथा वर्तमान युग में इसकी उपयोगिता पर बहस की। विभिन्न दृष्टिकोणों से प्रस्तुत तर्कों ने श्रोताओं को प्रभावित किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया, जिनके नाम इस प्रकार हैं:

‎‎- कक्षा 9वीं : तन्वी और साक्षी

‎- कक्षा 10वीं : आरुषि और रोनक

‎- कक्षा 11वीं : अंशिका चोधरी और आयुष गोयल

‎- कक्षा 12वीं : पायल चोधरी और ईशिका

‎‎इस अवसर पर स्कूल प्रिंसिपल डॉ. पूर्णिमा वार्ष्णेय के नेतृत्व में कोऑर्डिनेटर रितु दास, छवि रस्तोगी, उषा, प्रीति, मनोज सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। प्रतियोगिता ने न केवल छात्रों में बहस की कला को निखारा, बल्कि नैतिक मूल्यों को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय प्रबंधन ने ऐसी और गतिविधियों के आयोजन की योजना बनाई है, ताकि छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *