कर्ज चुकाने के लिए रची गई चोरी की झूठी कहानी – रानीगंज पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
Published by:ब्यूरो चीफ दीपांशु तिवारी

प्रतापगढ़। रानीगंज थाना क्षेत्र के कसेरुवा गांव में हुई कथित चोरी की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस जांच में यह मामला असल में घर के ही युवक द्वारा रची गई साजिश निकला। युवक ने कर्ज चुकाने के दबाव से परेशान होकर घर के गहने खुद ही चोरी कर छिपा दिए थे और फिर थाने में झूठी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर 16 कीमती आभूषण बरामद कर लिए हैं।
घटना का विवरण:
दिनांक 28 सितंबर 2025 को वादी प्रदीप उर्फ पिंटू यादव निवासी ग्राम कसेरुवा, थाना रानीगंज ने थाने में तहरीर दी थी कि अज्ञात चोरों ने उसके घर से पत्नी और भाभी के गहने चोरी कर लिए हैं। इस पर थाना रानीगंज में मुकदमा अपराध संख्या 339/25 धारा 305/331(3) BNS अज्ञात चोरों के खिलाफ दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ श्री दीपक भूकर के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी शैलेन्द्र लाल व क्षेत्राधिकारी रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी रानीगंज प्रभात कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने जांच शुरू की।
आरोपी की गिरफ्तारी और बरामदगी:
पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि वादी ही इस चोरी में शामिल है। सूचना के आधार पर पुलिस ने अभियुक्त प्रदीप उर्फ पिंटू यादव (26 वर्ष) को ग्राम कसेरुआ से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसी ने अपने ही घर से गहने चोरी कर मिट्टी के बर्तन में छिपा रखे थे। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 16 आभूषण बरामद किए, जिनमें सोने-चांदी की झुमका, करधनी, पायल, बिछिया, हार, मांगटीका, अंगूठी, चैन आदि शामिल हैं।
आरोपी का बयान:
पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि उसकी हाल ही में शादी हुई थी। शादी और अन्य खर्चों के लिए उसने कर्ज लिया था, जिसे वह समय पर चुका नहीं पाया। साहूकारों के दबाव से परेशान होकर उसने चोरी की अफवाह का फायदा उठाने की योजना बनाई। उसने घर के बक्से व कपड़े तितर-बितर कर ऐसा माहौल बनाया कि मानो चोरी हुई हो। इसके बाद उसने 112 नंबर पर फोन करके झूठी सूचना दी और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में गहने बेचकर कर्ज चुकाने की योजना थी।
पुलिस टीम:
उ0नि0 अमित कुमार सिंह
उ0नि0 साधू राम
मु0आ0 अमरनाथ यादव
मुख्य आरक्षी राजेश गुप्ता
आरक्षी मनोज कुमार
इनकी सक्रियता और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मात्र दो दिन में मामले का खुलासा कर दिया।
कानूनी कार्रवाई:
बरामदगी के बाद मुकदमे में धारा 317(2)/217 BNS की बढ़ोत्तरी की गई है। आरोपी को न्यायालय भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
👉 रानीगंज पुलिस की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया कि किसी भी अपराध की गुत्थी चाहे कितनी भी उलझी क्यों न हो, पुलिस की सख्ती
और विवेक से सच सामने आ ही जाता है।



