उत्तर प्रदेश

सुशील प्रजापति को पनाह देने वाला दूसरा रिश्तेदार भी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अभी भी फरार

रिपोर्ट : अबशार उलहक

गाजियाबाद : मुरादनगर थाना पुलिस ने दुष्कर्म के वांछित अभियुक्त सुशील प्रजापति को पनाह देने के मामले में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। बीते दिन, 17 अगस्त 2025 को पुलिस ने सुशील को शरण देने वाले एक अन्य अभियुक्त, प्रमोद पुत्र रामदास, उम्र करीब 35 वर्ष, को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी मुरादनगर पुलिस की उस सतत कार्रवाई का हिस्सा है, जिसमें इससे पहले 16 अगस्त को रोहताश उर्फ बबली को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, 25 हजार रुपये के इनामी मुख्य अभियुक्त सुशील प्रजापति और उसके भाई पुष्पेंद्र प्रजापति अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

प्रमोद की गिरफ्तारी और पूछताछ में खुलासा

‎मुरादनगर पुलिस ने प्रमोद को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ धारा 249 बीएनएस के तहत कार्रवाई को और सख्त किया है। पूछताछ में प्रमोद ने स्वीकार किया कि सुशील प्रजापति उसका रिश्तेदार है और वह मुरादनगर थाने में दर्ज दुष्कर्म के मामले में वांछित है। इसके बावजूद, उसने सुशील और उसके बड़े भाई पुष्पेंद्र प्रजापति को पुलिस से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर छुपाया था। प्रमोद ने बताया कि मौका मिलते ही दोनों भाई किसी अन्य स्थान पर चले गए। पुलिस ने प्रमोद के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

रोहताश की गिरफ्तारी के बाद दूसरा झटका

‎यह दूसरी बार है जब मुरादनगर पुलिस ने सुशील प्रजापति को पनाह देने वाले अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। इससे पहले, 16 अगस्त 2025 को पुलिस ने रोहताश उर्फ बबली, निवासी ग्राम नाहल, थाना मसूरी, गाजियाबाद को बृजविहार मोहल्ले से गिरफ्तार किया था। रोहताश ने भी पूछताछ में यही खुलासा किया था कि उसने पैसे लेकर सुशील और पुष्पेंद्र को छुपाने में मदद की थी। दोनों गिरफ्तारियां इस बात की पुष्टि करती हैं कि सुशील प्रजापति को बचाने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची गई थी।

25 हजार का इनामी सुशील प्रजापति अब भी फरार

‎हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व नगर अध्यक्ष सुशील प्रजापति पर एक एलएलबी छात्रा के साथ दुष्कर्म का गंभीर आरोप है। पीड़िता ने शिकायत में बताया था कि सुशील ने उसे नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया और विरोध करने पर हत्या की धमकी दी। इस मामले में पुलिस ने सुशील की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है, लेकिन वह और उसका भाई पुष्पेंद्र अब तक फरार हैं। पुलिस ने दोनों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की हैं और विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही है।

आमजन में भरोसा, लेकिन चुनौती बरकरार

‎रोहताश और अब प्रमोद की गिरफ्तारी से पुलिस के प्रति स्थानीय लोगों का भरोसा बढ़ा है, लेकिन सुशील और पुष्पेंद्र की फरारी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों और उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढील नहीं दी जाएगी। सुशील और पुष्पेंद्र की तलाश में छापेमारी और तेज कर दी गई है, और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही दोनों को सलाखों के पीछे लाया जाएगा।

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