उत्तर प्रदेश में कांवड़ शिविरों के लिए निःशुल्क बिजली और एकल खिड़की व्यवस्था की मांग
रिपोर्ट : हैदर खान
अखिल भारतीय परशुराम सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. विनोद कुमार मिश्रा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कांवड़ सेवा शिविरों के लिए निःशुल्क बिजली और एकल खिड़की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। यह मांग कांवड़ यात्रा के दौरान भोलेनाथ के भक्तों की सेवा के लिए लगाए जाने वाले शिविरों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई है।पं. मिश्रा ने बताया कि प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों से लाखों शिव भक्त गंगोत्री, यमुनोत्री, ऋषिकेश और हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर पैदल अपने क्षेत्र के शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं।
इस दौरान 8 जुलाई से उत्तर प्रदेश की सीमाओं से भक्तों का आवागमन शुरू हो जाता है। भक्तों की सेवा के लिए सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों द्वारा विभिन्न स्थानों पर कांवड़ सेवा शिविर स्थापित किए जाते हैं, जहां विश्राम, भोजन, स्नान, चिकित्सा और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।हालांकि, इन शिविरों के संचालन में कई प्रशासनिक चुनौतियां सामने आती हैं। पं. मिश्रा ने बताया कि शिविर संचालकों को विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) प्राप्त करने के लिए कई बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। विशेष रूप से बिजली विभाग से अनुमति लेने में सबसे अधिक कठिनाई होती है। उन्होंने दिल्ली सरकार का उदाहरण देते हुए बताया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कांवड़ शिविरों के लिए निःशुल्क बिजली और आर्थिक सहायता की व्यवस्था की है। इसी तर्ज पर उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से कांवड़ शिविरों के लिए निःशुल्क बिजली प्रदान करने की मांग की है।
इसके साथ ही, पं. मिश्रा ने शिविर संचालकों की सुविधा के लिए एकल खिड़की व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया। इस व्यवस्था के तहत सभी संबंधित विभागों के कर्मचारी थानों पर उपलब्ध होंगे, जिससे शिविर संचालकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा, “एकल खिड़की व्यवस्था से शिविर संचालकों का समय और संसाधन बचेगा, जिससे वे भोलेनाथ के भक्तों की सेवा पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
इस मांग को परशुराम सेवा दल के अन्य पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन दिया है, जिनमें पं. यश शर्मा (गौ सेवक), पं. विजय गौड़ (एडवोकेट, पूर्व बार सचिव), पं. राकेश शर्मा (जिलाध्यक्ष, ब्राह्मण महासभा), पं. ओमपाल शर्मा, पं. अरुण शर्मा (प्रदेश उपाध्यक्ष, परशुराम सेवा दल), सुबोध शर्मा (मुजफ्फरनगर), पं. सोमदत्त शर्मा, पं. यतिदेव शर्मा, पं. प्रेमचंद शास्त्री, पं. ओमकार दत्त शर्मा, पं. मनोज शास्त्री, गोपाल गुप्ता (बुरा वाले), और महेश गर्ग शामिल हैं।
पं. विनोद कुमार मिश्रा ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी इन मांगों पर सकारात्मक विचार करेंगे और भोलेनाथ के भक्तों की सेवा में लगे संगठनों को आवश्यक राहत प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा, “हमारी मांग केवल शिविर संचालकों की सुविधा के लिए नहीं, बल्कि लाखों शिव भक्तों की सेवा के लिए है, जो श्रद्धा और भक्ति के साथ कांवड़ यात्रा में भाग लेते हैं।”यह मांग उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाती है, जिसके लागू होने से कांवड़ यात्रा के दौरान भक्तों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और सामाजिक संगठनों का कार्य भी आसान होगा।



