उत्तर प्रदेश

कासगंज: मुस्लिम समाज की बैठक में लिया बड़ा फैसला, शादी-ब्याह में डीजे, आतिशबाजी और नाच-गाने पर लगाया प्रतिबंध

Published by प्रदीप मिश्रा

उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गंजडुंडवारा-सहावर रोड स्थित शाही गार्डन में मुस्लिम समाज की एक अहम बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें ब्लॉक क्षेत्र के गांव पचपोखरा के मजहबी रहनुमाओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि गांव में अब किसी भी शादी, बारात या अन्य सामाजिक आयोजन में डीजे, आतिशबाजी, हर्ष फायरिंग और नाच-गाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

 

इस बैठक का नेतृत्व खिदमत-ए-खल्क कमेटी द्वारा किया गया। बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कमेटी ने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी व्यक्ति विशेष या धार्मिक आग्रह के आधार पर नहीं, बल्कि गांव की सामूहिक चेतना, सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। कमेटी ने कहा कि यह निर्णय भावी पीढ़ियों की सुरक्षा, सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

 

कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय कानूनी, सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी को समझते हुए लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा डीजे और आतिशबाजी पर दिए गए दिशा-निर्देशों को भी इस निर्णय में शामिल किया गया है।

 

इसके साथ ही खिदमत-ए-खल्क कमेटी ने जिलाधिकारी से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति इस सामूहिक संकल्प का उल्लंघन करता है, तो उसके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। गांव के नागरिकों और कमेटी ने इस सुधारात्मक पहल को आत्म-अनुशासन और सामूहिक सहयोग से लागू करने का संकल्प भी लिया है।

 

इस निर्णय को स्थानीय समाज के भीतर सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल माना जा रहा है। ग्रामीणों ने भी इस कदम की सराहना की है और कहा है कि इससे न केवल अनावश्यक खर्च रुकेगा बल्कि समाज में अनुशासन और सौहार्द भी स्थापित होगा।

 

 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *