उत्तर प्रदेश

अलीगढ़: प्रवास के दौरान शाखाओं में शामिल होंगे संघ प्रमुख मोहन भागवत, बढ़ाया गया बौद्धिक समय

Published by धर्मेंद्र शर्मा

अलीगढ़ ( दीपक गौड़): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत के अलीगढ़ प्रवास के दौरान शहर की दो शाखाओं में उनका आगमन तय हो गया है। इस विशेष अवसर पर शाखाओं की दिनचर्या में भी बदलाव किया गया है। सामान्य दिनों में एक घंटे की शाखा में 15 मिनट शारीरिक कार्यक्रम होते हैं, लेकिन सरसंघचालक के प्रवास के दिन यह समय घटाकर बौद्धिक सत्र में जोड़ दिया गया है। इस तरह उस दिन शाखाओं में 25 मिनट का विस्तारित बौद्धिक सत्र आयोजित होगा, जिसमें मोहन भागवत स्वयंसेवकों को किसी महत्वपूर्ण विषय पर संबोधित करेंगे।

संघ प्रमुख इस बार ब्रज प्रांत के प्रवास के तहत अलीगढ़ आ रहे हैं। संघ की परंपरा के अनुसार, सरसंघचालक जहां भी प्रवास करते हैं, वहां की स्थानीय शाखाओं में भाग लेते हैं। इसी क्रम में उनके अलीगढ़ प्रवास के दौरान एचबी इंटर कॉलेज जीटी रोड पर लगने वाली प्रभात शाखा और पंचनगरी में लगने वाली शाम की भगत सिंह शाखा में शामिल होने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। हालांकि, परिस्थितियों के अनुसार शाखाओं में बदलाव भी संभव है।

आमतौर पर शाखाओं की तय समय-सारिणी के अनुसार एक घंटे में शाखा लगती है, जिसमें तीन मिनट में शाखा प्रारंभ, दो मिनट में दंड प्रहार, 15 मिनट शारीरिक अभ्यास, 20 मिनट खेल, पांच मिनट समता कार्यक्रम, 10 मिनट बौद्धिक और पांच मिनट प्रार्थना शामिल होती है। मगर सरसंघचालक के प्रवास के दिन शारीरिक अभ्यास के 15 मिनट बौद्धिक कार्यक्रम में जोड़ दिए गए हैं ताकि स्वयंसेवकों को मोहन भागवत के विचारों को सुनने का अधिक समय मिल सके।

शारीरिक प्रमुख धीरज कुमार ने जानकारी दी कि सरसंघचालक जिन शाखाओं में शामिल होंगे, वहां केवल स्थानीय टोली के सदस्य जैसे शाखा कार्यवाह, मुख्य शिक्षक, गण शिक्षक और गट नायक के अलावा नियमित शाखा आने वाले स्वयंसेवक ही भाग लेंगे। इसके अलावा संबंधित क्षेत्र के वरिष्ठ संघ पदाधिकारी भी शाखा में मौजूद रहेंगे।

स्वयंसेवकों को मिलेगा संघ प्रमुख का मार्गदर्शन

आरएसएस के प्रचार प्रमुख भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि मोहन भागवत के प्रवास के दौरान शाखाओं में शारीरिक गतिविधियों को सीमित कर बौद्धिक सत्र को बढ़ाया गया है। इससे स्थानीय स्वयंसेवकों को संघ प्रमुख के विचार सुनने और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह संघ के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है और सभी संबंधित शाखाओं में तैयारी अंतिम चरण में है।

संघ प्रमुख का अलीगढ़ प्रवास न केवल स्वयंसेवकों के लिए एक प्रेरणादायक अवसर है, बल्कि शाखाओं के कार्यकर्ताओं के लिए भी संगठन के मूल विचारों को गहराई से समझने का एक सुनहरा मौका है।

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