30 जुलाई को तीनों प्राधिकरणों के खिलाफ होगा महाआंदोलन: पवन खटाना
गलगोटिया अंडरपास पर जुटेगा जन सैलाब, किसानों का फूटा गुस्सा
ग्रेटर नोएडा :प्राधिकरणों की अनदेखी और किसानों की लंबित समस्याओं को लेकर अब ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर 30 जुलाई को गलगोटिया यूनिवर्सिटी अंडरपास पर एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इसके समर्थन में आज गांव रीलखा और इलाहाबास में जनजागरण अभियान के तहत किसान गोष्ठियों का आयोजन हुआ।
गोष्ठी की अध्यक्षता राजाराम प्रधान और ओमवीर ने की, जबकि संचालन सुनील प्रधान और अनित कसाना ने संभाला। किसान बेली भाटी ने बताया कि प्राधिकरणों ने गांवों की आबादियों का अभी तक निस्तारण नहीं किया है। गांव के रास्ते बदहाल हैं और कोर्ट के प्लॉट ग्रामीणों को अब तक नहीं मिले, जिससे ग्रामवासी बेहद परेशान हैं।
उमेद कसाना ने कहा, “गांव में बारातघर की सुविधा नहीं है और श्मशान घाट तक जाने का रास्ता भी बदतर हालत में है। किसी की मृत्यु पर शव को ले जाना भी मुश्किल हो जाता है।”
पश्चिमी उत्तर प्रदेश भाकियू अध्यक्ष पवन खटाना ने कहा कि तीनों प्राधिकरण—नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी—सिर्फ मीठे वादे करते हैं, लेकिन धरातल पर कोई कार्य नहीं होता। उन्होंने दो टूक कहा कि “अब किसान सिर्फ वादों से नहीं मानेगा, जब तक समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।”
इस मौके पर सैकड़ों किसान और मजदूर मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख नाम रहे —
सुरेंद्र नागर, दादा अजीत अधाना, मास्टर सुबेराम, अर्जुन प्रधान, चंद्रपाल, भगत सिंह, जोगिंदर तुगलपुर, पवन नागर, धर्मपाल स्वामी, योगेश भाटी, महेश खटाना, बली भाटी, कर्मवीर, राजवीर, रवि प्रधान, सोनू भाटी और दर्जनों अन्य।
30 जुलाई को गलगोटिया अंडरपास किसानों के हुंकार से गूंजेगा — “अब नहीं सहेंगे अन्याय!



