DM के आदेश की उड़ी धज्जियां: मुरादनगर के ‘शिक्षा माफिया’ बच्चों की जान से कर रहे खिलवाड़!
रिपोर्ट : अबशार उलहक

उत्तर भारत में इन दिनों हाड़ कंपाने वाली ठंड का प्रकोप जारी है। बड़े-बुजुर्गों की कंपकपी छूट रही है, तो मासूम बच्चों का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा लगाना सहज है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए गाजियाबाद के जिलाधिकारी (DM) ने जिले के सभी स्कूलों में नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के बच्चों के लिए 10 जनवरी तक अवकाश घोषित किया था। लेकिन मुरादनगर में कुछ स्कूल संचालकों की मनमानी के आगे जिला प्रशासन के आदेश बौने साबित हो रहे हैं।
गलियों में खुले स्कूल, ठिठुरते दिखे मासूम : मुरादनगर शहर की तंग गलियों में संचालित होने वाले कई प्राइवेट स्कूलों ने डीएम के आदेश को पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। आज सुबह जब तापमान अपने निचले स्तर पर था, तब छोटे-छोटे बच्चे भारी बस्ते लादे स्कूल जाते दिखाई दिए। हैरानी की बात यह है कि शासन के स्पष्ट निर्देश के बावजूद ये स्कूल मालिक अपनी जेब भरने और मनमानी करने के लिए बच्चों को इस जानलेवा ठंड में बुला रहे हैं।
प्रशासनिक आदेश की उड़ रही धज्जियां : डीएम द्वारा जारी किया गया अवकाश का आदेश बच्चों की सुरक्षा और सेहत को ध्यान में रखकर बनाया गया है। लेकिन मुरादनगर के इन स्कूल संचालकों को न तो प्रशासन का खौफ है और न ही बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ये स्कूल मालिक शिक्षा के नाम पर सिर्फ व्यापार कर रहे हैं और जिला अधिकारी के आदेशों को सरेआम ‘पलीता’ लगा रहे हैं।
बड़ा सवाल: आखिर कार्रवाई कब? : अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर इन मनमानी करने वाले स्कूल संचालकों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? क्या शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन किसी बड़े हादसे या बच्चों के बीमार पड़ने का इंतजार कर रहा है? आदेश की धज्जियां उड़ाने वाले इन स्कूलों पर आखिर किसका संरक्षण है?



