बांग्लादेश में हिंदू युवक की बर्बर हत्या पर मुरादनगर में गौरक्षा दल का उग्र प्रदर्शन, पुतला फूंका
रिपोर्ट : अबशार उलहक

बांग्लादेश में बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ भारत में आक्रोश की लहर तेज हो रही है। मुरादनगर के गौरक्षा दल ने शुक्रवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें बांग्लादेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ एक प्रतीकात्मक पुतला दहन भी किया गया। यह प्रदर्शन नोआखाली जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की जिंदा जलाकर की गई बर्बर हत्या के विरोध में आयोजित किया गया था। सैकड़ों गौरक्षकों ने रावली रोड पर हंस इंटर कॉलेज से दिल्ली-मेरठ रोड तक मार्च निकाला, जिसमें अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
प्रदर्शन की शुरुआत हंस इंटर कॉलेज के पास हुई, जहां गौरक्षा दल के जिलाध्यक्ष गुलशन राजपूत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। राजपूत ने कहा, “बांग्लादेश में हिंदू परिवारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है, दुकानों को लूटा जा रहा है और महिलाओं पर अत्याचार किए जा रहे हैं। दीपू चंद्र दास की हत्या जैसी घटना केवल एक आंतरिक मामला नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ अपराध है।” उन्होंने बांग्लादेश सरकार से तत्काल हिंसा रोकने, दोषियों की पहचान और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी तंत्र स्थापित करने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की अपील की।
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘हिंदू हितों की रक्षा करो’, ‘बांग्लादेश में हिंसा बंद करो’ और ‘अल्पसंख्यकों को न्याय दो’ जैसे नारे लगाए। दिल्ली-मेरठ रोड पर पहुंचने के बाद बांग्लादेश का पुतला फूंका गया, जिसके समय माहौल में भारी तनाव व्याप्त था। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह शांतिपूर्ण विरोध है, जो वैश्विक न्याय की मांग करता है।
इस प्रदर्शन में गुलशन राजपूत, शिवा शर्मा, सौरभ कृष्ण शास्त्री, अनुभव शर्मा, अनूप शर्मा, सोहित यादव, मोनू, संकित त्यागी, दीपक कसाना, सुच्चा, आयुष, राजा त्यागी, आर्यन त्यागी सहित सैकड़ों स्थानीय निवासी शामिल हुए। कई कार्यकर्ताओं ने बताया कि शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में अव्यवस्था चरम पर है, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान निर्दोष हिंदू समुदाय को हो रहा है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “भारत सरकार को भी कूटनीतिक स्तर पर दबाव बनाना चाहिए ताकि हमारे पड़ोसी देश में शांति बहाल हो। गौरक्षा दल ने चेतावनी दी है कि यदि हिंसा नहीं रुकी, तो और बड़े स्तर पर आंदोलन चलाए जाएंगे।



