एएसपी की पत्नी ने की आत्महत्या, मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
ब्यूरो चीफ :दीपांशु तिवारी
लखनऊ।राजधानी लखनऊ में बुधवार को एक दर्दनाक घटना ने पुलिस महकमे में सनसनी फैला दी। सीआईडी में तैनात एएसपी मुकेश प्रताप सिंह की पत्नी नितेश सिंह (38) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव लखनऊ पुलिस लाइन स्थित ट्रांजिट हॉस्टल में पंखे से लटका मिला। खुद एएसपी मुकेश ने पुलिस को इसकी जानकारी दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है। एडीसीपी ममता रानी के अनुसार, घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है, जिसमें नितेश खुद फंदा लगाती दिख रही हैं। बताया जा रहा है कि महिला काफी समय से डिप्रेशन में थीं और उनका इलाज भी चल रहा था।
मायके पक्ष के आरोपों से हड़कंप
वहीं, मृतका के भाई और फिरोजाबाद के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने एएसपी मुकेश पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि बहन नितेश सिंह लंबे समय से मानसिक और भावनात्मक प्रताड़ना झेल रही थीं। प्रमोद के अनुसार, एएसपी के किसी दूसरी महिला से नजदीकी संबंध थे, जिससे नितेश मानसिक रूप से टूट चुकी थीं।
प्रमोद का कहना है कि खुद एएसपी ने एक बार कहा था—”अगर ये मर भी जाएगी तो मेरा कुछ नहीं होगा, घर में सीसीटीवी लगा रखा है।” मायके पक्ष ने पुलिस से कॉल डिटेल्स और व्हाट्सएप चैट की जांच की मांग की है।
हर बात होती थी रिकॉर्ड
परिजनों का आरोप है कि एएसपी नितेश की हर गतिविधि रिकॉर्ड करते थे। तीन साल पहले भी दोनों के बीच तलाक की नौबत आ गई थी, लेकिन परिजनों की मध्यस्थता से मामला शांत हो गया था। हाल ही में एएसपी ने पत्नी को “अंतिम मौका” देते हुए साथ रखने की बात कही थी।
जांच के घेरे में अफसर की निजी जिंदगी
अब सवाल ये उठता है कि अगर महिला डिप्रेशन में थी, तो उसकी देखरेख क्यों नहीं की गई? क्या आरोपों के पीछे कोई सच्चाई है, या यह एक पारिवारिक कलह का दुखद अंत है? पुलिस जांच की दिशा अब एएसपी की भूमिका, उनके रिश्तों और व्यवहार की गहराई से पड़ताल कर रही है।



