पूर्व विधायक धीरज ओझा के आश्वाशन पर मृतक के परिजन मृतक के अंतिम संस्कार के लिए हुए राजी
Published by : ब्यूरो चीफ दीपांशु तिवारी

ब्यूरो रिपोर्ट
रानीगंज, प्रतापगढ़ —
क्या हुआ — घटनाक्रम
सोमवार की शाम करीब 4 बजे आकाश यादव घर से निकला था, पर रात तक वह वापस नहीं लौटा। मंगलवार सुबह उसकी बहन ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
मंगलवार की सुबह देहात कोतवाली के एटीएल मैदान के निकट झाड़ियों में युवक का शव मिला। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। युवक की जेब में मिला मोबाइल फोन चार्ज करने पर जीवित कॉल आने लगे, जिससे पुलिस को पहचान मिली कि मृतक रानीगंज थाना क्षेत्र के पंडितपुर गांव निवासी आकाश यादव ही था।
फोरेंसिक टीम व पुलिस ने जांच की; शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अस्पताल के बाद शव घर वापस लाया गया।
परिवार-परिजन का रुख — “अंतिम संस्कार से इनकार”
पोस्टमार्टम के बाद जब शव घर लाया गया, परिजनों में कोहराम मच गया। वे मौत को संदिग्ध बता रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाए।
मृतक आकाश यादव परिवार में इकलौता बेटा था, उसकी चार बहनें हैं। पिता सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। परिजन पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए।
इस बीच, इलाके में शोक व गुस्से का माहौल है।
तनाव, पुलिस फोर्स और समझाइश
जैसे ही शव गांव पहुंचा, लोग नाराज़ हो गए। कुछ परिजन शव लेकर सड़क पर चक्का-जाम की तैयारी कर रहे थे। इसी कारण स्थानीय पुलिस एवं बल तैनात कर दिया गया।
परिजनों और ग्रामीणों को समझा-बुझा कर पुलिस ने स्थिति नियंत्रित की। अतिरिक्त थानाप्रभारी और अन्य अधिकारी मौके पर थे।
स्थानीय नेता की कोशिश, समय से इंतजार
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक धीरज ओझा भी परिजनों से मिलने पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिवार को हर संभव सहायता व न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। जिससे परिवार ने फिलहाल भावनात्मक रूप से शांत रहने की शपथ ली है। (स्थानीय सूत्र)
मृतक के परिवार ने विधायक के भरोसे को ध्यान में रखते हुए अंतिम संस्कार के लिए शुक्रवार तक संकल्प किया है। यानी, परिवार व आसपास वालों ने पुलिस-जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और न्याय की गारंटी मांग रहे हैं, तब तक शव रखे रखने का फैसला लिया है।
क्या है अब आगे
पुलिस ने मृतक के विरुद्ध हत्या का प्राथमिक संदेह जाहिर करते हुए अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट व फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत का असली कारण स्पष्ट होगा —
परिवार व ग्रामीणों का कहना है कि अगर दोषी नहीं सजा पाए गए, तो वह शांत नहीं बैठेंगे; उन्होंने न्याय व निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है।
स्थानीय प्रशासन व पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द आरोपितों की पहचान व गिरफ्तारी की जाएगी।
निष्कर्ष
रानीगंज-प्रतापगढ़ में युवक आकाश यादव की संदिग्ध मृत्यु ने न सिर्फ एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया, बल्कि पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। परिवार की पीड़ा, शक्ति में असंतुलन, और न्याय की मांग — ये वो संवेदनशील व हृदयस्पर्शी विषय हैं जिनका हल केवल निष्पक्ष, पारदर्शी व त्वरित जांच से ही संभव है।
परिजन व ग्रामीण न्याय के लिए लड़ते हुए अंतिम संस्कार तक स्थिर रहने की कोशिश कर रहे हैं। अब देखना ये है कि प्रशासन व पुलिस इस दर्द भरी मांग का निष्पक्ष परिणाम देते हैं या नहीं।
पूर्व विधायक की मेहनत रंग लाई।



