लखनऊ : रोजगार महाकुंभ में सीएम योगी की बड़ी घोषणा, हर युवा को न्यूनतम वेतन की गारंटी
लखनऊ :ब्यूरो चीफ दीपांशु तिवारी
लखनऊ । राजधानी लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय ‘रोजगार महाकुंभ 2025’ का शुभारंभ सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने युवाओं और श्रमिकों को ऐतिहासिक सौगात देते हुए घोषणा की कि उत्तर प्रदेश अब देश का पहला ऐसा राज्य बनेगा, जहां काम करने वाले प्रत्येक युवा को न्यूनतम वेतन और न्यूनतम मजदूरी की गारंटी मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में कोई भी कंपनी या नियोक्ता कर्मचारी का शोषण नहीं कर पाएगा। नियुक्ति देने वाली कंपनियों को अपने कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन देना अनिवार्य होगा, जबकि इससे अधिक का जो आर्थिक भार होगा, वह राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था युवाओं को सम्मानजनक रोजगार, नौकरी की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करेगी।
मुख्यमंत्री ने मंच से साफ संदेश देते हुए कहा— “प्रदेश की प्रतिभा आज देश-दुनिया में मांग में है। कभी पूरा गांव रोजगार की तलाश में पलायन करता था, लेकिन आज वही उत्तर प्रदेश रोजगार देने वाला राज्य बन चुका है।”
डिजिटल पोर्टल और नई पहलें
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विदेश में नौकरी पाने वाले 15 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इसके साथ ही श्रम विभाग के श्रम न्याय सेतु पोर्टल, औद्योगिक न्यायाधिकरण की वेबसाइट और ई-कोर्ट पोर्टल का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि इन पोर्टलों से श्रमिकों के मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित होगा।
‘एक जिला एक उत्पाद’ से नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) योजना ने परंपरागत उद्यमों को नई पहचान दी है। कोरोना काल में जब 40 लाख से अधिक प्रवासी कामगार वापस लौटे थे, तब इन्हीं एमएसएमई इकाइयों ने 90 प्रतिशत को रोजगार देकर आत्मनिर्भर यूपी का मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पंजीकरण करवाने वाले उद्यमियों को सरकार ने पांच लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर उपलब्ध कराया है।
परंपरागत कामगारों के लिए योजनाएं
सीएम योगी ने कहा कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजनाओं के तहत बढ़ई, राजमिस्त्री, लोहार, कुम्हार, मोची, नाई और सोनार जैसे परंपरागत कामगारों को मुफ्त टूलकिट, सस्ते ऋण और ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जा रही है। सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत अब तक 70 हजार से अधिक युवा जुड़ चुके हैं।
नई तकनीकों की ट्रेनिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए स्टार्टअप मिशन और स्किल डेवलपमेंट मिशन संचालित हैं। इसके तहत युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में नई लैब और कोर्स शुरू किए गए हैं। विदेश भेजने से पहले युवाओं को विदेशी भाषाओं की ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
श्रमिकों की सुरक्षा पर जोर
सीएम ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों की सुरक्षा और उद्योगों की सुचारुता दोनों को ध्यान में रखते हुए श्रम कानूनों में सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आउटसोर्सिंग कंपनी को श्रमिक का शोषण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्रमिकों को पूरा वेतन मिलना अनिवार्य होगा।
इस अवसर पर श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री मन्नू लाल कोरी, प्रमुख सचिव श्रम एमकेएस सुंदरम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



