इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की नई उड़ान: KIET और SAEINDIA का तकनीकी सेमिनार बना मील का पत्थर
रिपोर्ट : अबशार उलहक
भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (ई-बजाज) को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, KIET ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, गाजियाबाद और SAEINDIA ने संयुक्त रूप से एक शानदार तकनीकी सेमिनार का आयोजन किया। इस सेमिनार में देशभर के 54 कॉलेजों से 110 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया, जिसमें बैटरी प्रबंधन, मोटर डिज़ाइन, और स्मार्ट चार्जिंग ढांचे जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई।
KIET ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के जॉइंट डायरेक्टर डॉ. मनोज गोयल ने इस आयोजन को एक क्रांतिकारी पहल करार देते हुए कहा, “यह सेमिनार न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देगा, बल्कि हमारे छात्रों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिए प्रेरित करेगा। हमारा लक्ष्य भारत को स्मार्ट और टिकाऊ गतिशीलता का केंद्र बनाना है।” डॉ. गोयल ने इस आयोजन के सफल होने पर सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को बधाई भी दी।
सेमिनार में KIET के प्रख्यात विशेषज्ञों, डॉ. बलविंदर सुप्रभात और डॉ. श्री निवित्यका ने भी अहम भूमिका निभाई। दोनों ने तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला और छात्रों को इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देना और सस्ती, टिकाऊ गतिशीलता के नए रास्ते खोलना था।
SAEINDIA के प्रतिनिधियों ने इस आयोजन को एक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सेमिनार में पावरट्रेन डिज़ाइन और अनुकूलित तकनीक पर विशेष ध्यान दिया गया, जो इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस आयोजन ने छात्रों को नई तकनीकों से अवगत कराने के साथ-साथ उद्योग विशेषज्ञों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच एक मजबूत सेतु स्थापित किया। आयोजकों ने भविष्य में इस तरह के और आयोजन करने की योजना की घोषणा की, ताकि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का एक मजबूत ढांचा तैयार हो सके। यह सेमिनार इस बात का प्रमाण है कि भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है, और KIET जैसे संस्थान इस क्रांति में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।



