उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश सरकार की नई पहल: बौद्ध और सिख श्रद्धालुओं को मिलेगी तीर्थयात्रा की सौगात

Published by धर्मेंद्र शर्मा

लखनऊ।उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बौद्ध और सिख समुदाय के श्रद्धालुओं के लिए दो महत्वपूर्ण तीर्थयात्रा योजनाओं की शुरुआत करने की घोषणा की है। शनिवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना’ और ‘पंच तख्त यात्रा योजना’ को लागू करने के निर्देश दिए।

 

इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को भारत के प्रमुख बौद्ध और सिख धार्मिक स्थलों की यात्रा कराई जाएगी। सरकार प्रति श्रद्धालु को ₹10,000 की आर्थिक सहायता देगी ताकि वे अपनी आस्था के इन पवित्र स्थलों की यात्रा सुलभता से कर सकें।

दोनों योजनाएं आईआरसीटीसी के सहयोग से संचालित होंगी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन दोनों योजनाओं का क्रियान्वयन भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) के सहयोग से किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होनी चाहिए और लाभार्थियों के चयन में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।

 

विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को वरीयता दी जाएगी, ताकि सामाजिक समरसता को भी बल मिले। मुख्यमंत्री ने कहा, “धार्मिक यात्राएं आत्मिक शांति के साथ-साथ सामाजिक जुड़ाव का माध्यम होती हैं। सरकार का कर्तव्य है कि वह सभी नागरिकों को उनकी आस्था के अनुसार तीर्थस्थलों तक पहुंचने में सहयोग दे।”

 

 

बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना: आत्मिक उत्थान की दिशा में कदम

‘बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना’ के तहत उत्तर प्रदेश के निवासी बौद्ध श्रद्धालुओं को देश के विभिन्न बौद्ध स्थलों की यात्रा कराई जाएगी। इन स्थलों में सांची, सारनाथ, वैशाली, राजगीर, नालंदा, कुशीनगर और बोधगया जैसे प्रमुख तीर्थ स्थान शामिल होंगे।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बौद्ध भिक्षुओं को योजना में प्राथमिकता दी जाए और यात्रा की योजना इस तरह बनाई जाए कि श्रद्धालुओं को अधिकतम तीर्थ स्थलों का दर्शन कराना संभव हो।

 

 

पंच तख्त यात्रा योजना: सिख श्रद्धालुओं को सौगात

‘पंच तख्त यात्रा योजना’ विशेष रूप से सिख समुदाय के श्रद्धालुओं के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के निवासी सिख श्रद्धालु भारत के पांच पवित्र ‘तख्त साहिब’ स्थलों की यात्रा कर सकेंगे।

यह यात्रा सिख इतिहास, गुरुओं की परंपरा और पंथ के गौरवशाली अतीत से श्रद्धालुओं को जोड़ने का अवसर देगी। मुख्यमंत्री ने इस योजना को सिख श्रद्धालुओं की आस्था और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लागू करने का निर्देश दिया है

योजना में सुरक्षा, सुविधा और समरसता का विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी सुनिश्चित किया है कि दोनों योजनाओं को लागू करते समय श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाए। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन, आवास, चिकित्सा और परिवहन की पूरी व्यवस्था सरकार द्वारा कराई जाएगी।

 

उन्होंने यह भी कहा कि ये योजनाएं केवल धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि संस्कृति, इतिहास और भारतीय विरासत से जुड़ाव का माध्यम भी बनेंगी। इसके माध्यम से भावी पीढ़ी को भी हमारे गौरवशाली अतीत की जानकारी मिले

डिजिटल माध्यम से होगा आवेदन, पात्रता में पारदर्शिता

दोनों योजनाओं के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिस पर श्रद्धालु पंजीकरण कर सकेंगे। आवेदन करते समय आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। चयन की प्रक्रिया को डिजिटल रूप से पारदर्शी बनाने के लिए ऑटोमैटिक स्कोरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे पात्रता के आधार पर लाभार्थियों का चयन होगा।

निष्कर्ष: आस्था और संस्कृति को बढ़ावा देने की अनूठी पहल

उत्तर प्रदेश सरकार की ये दोनों योजनाएं न केवल श्रद्धालुओं को उनकी धार्मिक आस्थाओं के पावन स्थलों तक पहुँचाने में मदद करेंगी, बल्कि राज्य की धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक समरसता और समावेशी विकास की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होंगी।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल को सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और आम नागरिकों द्वारा सराहना मिल रही है। यह योजना आने वाले समय में उत्तर प्र

देश को धार्मिक पर्यटन का हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

 

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