फ़र्स्टवन रिहैब फ़ाउंडेशन में कार्यशाला का आयोजन केन्द्रीय मंत्री, बीएल वर्मा ने किया
Published by धर्मेंद्र शर्मा
नोएडा। सेक्टर-70 में बृहस्पिवार को फ़र्स्टवन रिहैब फ़ाउंडेशन द्वारा विशेष मेडिकल वर्कशॉप एवं सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसका विषय था कंधे और उससे जुड़ी समस्याएं। इस अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय के फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी विभाग के विद्यार्थियों ने इस परेशानी से जुडे लोगों ने विशेषज्ञों से व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री, बी.एल. वर्मा इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए और कहा कि इस प्रकार के मेडिकल वर्कशॉप और सेमिनार विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करते हैं। फ़र्स्टवन रिहैब फ़ाउंडेशन के निदेशक डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव डॉ. महिपाल सिंह और मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुष्मिता भाटी शामिल रहे। डॉ. दीक्षा ने कंधे के जोड़ की संरचना, बायोमैकेनिक्स और सामान्य समस्याओं जैसे फ्रोजन शोल्डर व रोटेटर कफ इंजरी के बारे में विस्तार से बताया। वहीं डॉ. महिपाल सिंह ने विद्यार्थियों को क्लिनिकल आकलन एवं पुनर्वास तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। डॉ भाटी ने समग्र पुनर्वास की अवधारणा समझाते हुए कहा कि एक चिकित्सक का कार्य केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगी की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाना भी है। कार्यक्रम का सफल संचालन दिव्या कार्की और पियूष कांडपाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. अभिषेक राज, प्रशासनिक प्रमुख कृष्णा यादव और विशेष शिक्षिका इलिका रावत, सौम्या सोनी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सेंटर मैनेजर सुर्भी जैन ने कहा फ़र्स्टवन रिहैब फ़ाउंडेशन का उद्देश्य युवाओं को केवल सैद्धांतिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक और जीवनोपयोगी कौशल प्रदान करना है। इस तरह के मेडिकल वर्कशॉप और सेमिनार विद्यार्थियों को दक्ष बनाकर समाज और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने योग्य बनाते हैं।”



