आयुष त्यागी पर पुलिस की दबिश, सुशील प्रजापति ने चुना कोर्ट मे सरेंडर
रिपोर्ट : अबशार उलहक
गाजियाबाद के मुरादनगर में हाल के दिनो में एलएलबी छात्रा के साथ दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी। तथाकथित हिन्दू युवा वाहिनी के नगर अध्यक्ष सुशील प्रजापति, जिस पर इस जघन्य अपराध का आरोप है, उसने पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच बृहस्पतिवार को गाजियाबाद कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। इस घटना ने न केवल सामाजिक आक्रोश को जन्म दिया है, बल्कि संगठन की विश्वसनीयता और कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
घटना का विवरण
आपको बता दे कि 7 अगस्त को दिल्ली-मेरठ मार्ग पर स्थित एक सोसाइटी में सुशील प्रजापति ने मोदीनगर की एक कॉलोनी में रहने वाली एलएलबी अंतिम वर्ष की छात्रा को नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए इस अपराध की शिकायत दर्ज कराई और सुशील पर संगीन आरोप लगाए। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने खुद को हिन्दू युवा वाहिनी का नगर अध्यक्ष बताकर उसका विश्वास जीता और फिर इस घृणित कृत्य को अंजाम दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बढ़ता दबाव
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी की तलाश में पांच विशेष टीमें गठित कीं। पुलिस ने लगातार छापेमारी की और संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। सूत्रों के अनुसार, कई दिनों तक पुलिस ने सुशील प्रजापति के परिजनों को थाने पर बुलाकर पूछताछ की, जिससे आरोपी पर दबाव बढ़ता गया। इस बीच, बुधवार को पुलिस ने इसी संगठन हिन्दू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष आयुष त्यागी के आवास व ऑफिस पर छापा मारा। आयुष त्यागी पर पुलिस के इस एक्शन ने मामले को नया मोड़ दे दिया। बताया जा रहा है कि आयुष पर दबाव बनते ही सुशील प्रजापति ने अगले ही दिन, बृहस्पतिवार को गाजियाबाद कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने उसे तत्काल जेल भेज दिया।

आगे की जांच और रिमांड की तैयारी
पुलिस अब सुशील प्रजापति को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ करने की तैयारी में है। पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है, जिसमें यह पता लगाना शामिल है कि क्या आरोपी ने पहले भी इस तरह के अपराध किए हैं या इसमें अन्य लोगों का भी सहयोग था। पूछताछ के बाद पुलिस चार्जशीट दाखिल करेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा किया है। कई सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हिन्दू युवा वाहिनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसे संगठनों में शामिल लोगों की पृष्ठभूमि की गहन जांच हो। इस मामले ने संगठन की छवि को भी नुकसान पहुंचाया है, और कई लोग आयुष त्यागी की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं।



