सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर (एसबीएफ) ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को रिम्स हॉस्पिटल, मुरादनगर में अपनी वार्षिक महासभा का आयोजन किया। इस सभा में मेरठ जोन के 8 जिलों से 50 से अधिक वॉलेंटियर्स ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में आगामी दो वर्षों (2025-2027) के लिए एडवाइजरी कमेटी और मेरठ जोन के कन्वीनर का गठन किया गया।
सभा की शुरुआत स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ध्वजारोहण के साथ हुई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जाकिर हुसैन ने किया। उद्घाटन भाषण हापुड़ जिला अध्यक्ष अमजद खान ने दिया, जिन्होंने एसबीएफ की आपदा प्रबंधन में भूमिका और वॉलेंटियर्स की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “एसबीएफ एक ऐसी संस्था है जो आपदाओं में मानव सेवा के लिए समर्पित है। किसी भी संगठन की ताकत उसके वॉलेंटियर्स होते हैं, इसलिए हमें अधिक से अधिक वॉलेंटियर्स को जोड़ना चाहिए।”

एसबीएफ के नेशनल कोऑर्डिनेटर इरफान साहब ने संगठन के कार्यों और उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं, नेशनल वॉलेंटियर कोऑर्डिनेटर डॉ. आमिर जमाल ने आगामी सत्र के लिए जोनल टीम और कन्वीनर के चयन की प्रक्रिया को स्पष्ट किया। लाइफ साइंस के नॉर्थ जोन सेल्स हेड मुहम्मद शुऐब ने स्वतंत्रता के महत्व पर अपने विचार रखे और आपदा प्रबंधन में एकजुटता की आवश्यकता पर बल दिया।

चुनाव प्रक्रिया के तहत सात सदस्यीय एडवाइजरी कमेटी का गठन किया गया, जिसमें एम.डी. जावेद, डॉ. जाकिर हुसैन, डॉ. मोहसिन, मुहम्मद अनस, मेहराज चौधरी, ओवेस अहमद और मुहम्मद हसन शामिल हैं। इसके बाद एम.डी. जावेद को सर्वसम्मति से मेरठ जोन का कन्वीनर चुना गया, जो 2025 से 2027 तक यह जिम्मेदारी संभालेंगे।
रिम्स हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. राशिद सैफी ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सभी वॉलेंटियर्स का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। उन्होंने कहा, “हमारे हॉस्पिटल के दरवाजे भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के लिए हमेशा खुले रहेंगे।”
कार्यक्रम में गुड्डू पत्रकार, अबशार उलहक, हैदर खान, राशिद अली, डॉ. शूमाइला, बरखा सक्सेना, सुनीता मिश्रा, सुनील कुमार, डॉ. मुशर्रफ बैग, यासीन अंसारी, हशमत खान, हाजी रियासत, एडवोकेट साजिद, हाजी रियाज वारसी, शहजाद, मंसूर बैग, हमजा जावेद, मुहम्मद रेयान, हाजी अशिम अली, मुहम्मद इकबाल सहित कई अन्य वॉलेंटियर्स और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल संगठन के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण रहा, बल्कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सामाजिक एकजुटता और सेवा के संदेश को भी मजबूत करने में सफल रहा।



