नोएडा में विदेशी ठगी का “डिजिटल अड्डा” ध्वस्त, फेस-3 SHO ध्रुव भूषण दुबे की सर्जिकल स्ट्राइक
Published by धर्मेंद्र शर्मा
नोएडा (धर्मेंद्र शर्मा):गौतमबुद्धनगर पुलिस ने हाईटेक ठगी का ऐसा गिरोह दबोचा है जो विदेशियों को लूटने के लिए ‘सिलिकॉन वैली’ का नकली सपना दिखा रहा था! फर्जी कॉल सेंटर की आड़ में ये साइबर शिकारी विदेशी कंप्यूटरों में खुद वायरस भेजते थे और फिर “माइक्रोसॉफ्ट टेक्निकल एक्सपर्ट” बनकर उन्हें ठीक करने के नाम पर मोटी रकम ठग लेते थे।
थाना फेस-3 की पुलिस और सीआरटी टीम ने सेक्टर-65 स्थित A-43 बिल्डिंग में दबिश मारकर इस इंटरनेशनल साइबर सिंडिकेट के 18 सदस्यों को धर दबोचा। इनके पास से 23 लैपटॉप, 25 हेडसेट, 17 मोबाइल, 23 माउस, 27 चार्जर, एक पेन ड्राइव और माइक्रोसॉफ्ट जैसे बड़े ब्रांड के फर्जी ID कार्ड बरामद हुए हैं।
कैसे करते थे यह डिजिटल ड्रामा?
अमेरिका से खरीदा हुआ नागरिकों का डेटागूगल ऐप के ज़रिए पहचान पक्कीX-Lite व IBeam ऐप से इंटरनेट कॉलTeamViewer व UltraViewer से कंप्यूटर पर कब्ज़ाCMD खोलकर डरावने वायरस का ‘नकली शो’फिर Zelle ऐप व क्रिप्टोकरेंसी से ठगी की रकम वसूल मास्टरमाइंड से लेकर मोहरा तक सभी गिरफ्तार
गिरफ्तारों में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और पंजाब के लड़के-लड़कियां शामिल हैं। इनमें कुछ के ठिकाने नोएडा के पॉश सेक्टरों में थे, और कॉल सेंटर से जुड़े लोगों को “फॉरेन सपोर्ट एग्जीक्यूटिव” जैसे झूठे टाइटल दिए गए थे।
इन पर FIR संख्या 315/2025 थाना फेस-3, नोएडा में BNS की धाराएं 319(2)/318(4)/3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि फर्जीवाड़ा चाहे कितना भी हाईटेक हो, कानून के शिकंजे से नहीं बच सकता।



