उत्तर प्रदेश

मुरादनगर में ड्रोन का डर: लाठियां थामे जाग रहे लोग

रिपोर्ट : अबशार उलहक

गाजियाबाद के मुरादनगर में पिछले कुछ दिनों से देर रात आसमान में ड्रोन उड़ने की अफवाहों ने लोगों की नींद उड़ा दी है। इन अफवाहों ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में एक अजीबो-गरीब माहौल पैदा कर दिया है, जहां लोग लाठी-डंडों और टॉर्च के साथ रातभर गलियों और छतों पर पहरेदारी करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी पहरेदारी के वीडियो और ड्रोन की कथित तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे भय और भ्रम का माहौल और गहरा गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे में चमकती रोशनी और ड्रोन जैसे उड़न यंत्रों को देखकर उन्हें चोरी या जासूसी की आशंका सता रही है। शहर के गांवों और कॉलोनी में ड्रोन देखे जाने की फर्जी खबरों ने इस डर को और बढ़ा दिया है। इन भ्रमित लोगों का दावा है कि ये ड्रोन रात 12 बजे से तड़के 3 बजे तक आसमान में मंडराते हैं और कई बार घरों के ऊपर रुकते नजर आते हैं। कुछ लोगों ने इन ड्रोन का पीछा करने की कोशिश भी की, लेकिन ये ऊंचाई पर उड़कर गायब हो जाते हैं।

वही मुरादनगर पुलिस ने इन अफवाहों को नियंत्रित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। मुरादनगर पुलिस ने कई गांवों और शहरों में रातभर गश्त की और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। वही थानाध्यक्ष मुरादनगर अंकित कुमार का कहना है कि जांच में अब तक किसी भी ड्रोन की पुष्टि नहीं हुई है। कुछ मामलों में चमकती रोशनी को बच्चों के खिलौना हेलीकॉप्टर या अन्य उड़न यंत्रों का हिस्सा बताया गया। जिसके बाद लोगों में अफवाहे आग की तरह इलाकों में फैलती नजर आ रही है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के वीडियो या संदेश साझा न करने की अपील की। अगर कोई भी अफवाह फैलाता नजर आया तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने और अफवाहों से बचने की अपील की है। मुरादनगर थानाध्यक्ष अंकित कुमार ने कहा कि, “ड्रोन उड़ने की अफवाहों से भय का माहौल बना हुआ है। लोग बिना पुष्टि के वीडियो शेयर न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।”

यह स्थिति न केवल मुरादनगर, बल्कि मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, बिजनौर, और बुलंदशहर जैसे जिलों में भी देखने को मिल रही है। कुछ जगहों पर ड्रोन को सरकारी सर्वेक्षण या यूट्यूब कंटेंट बनाने के लिए उड़ाया गया बताया जा रहा है। मेरठ में हिंडन नदी के डिजिटल मैपिंग के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिसे लोग गलत समझ बैठे।

विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन का अनाधिकृत उपयोग गंभीर अपराध है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की गाइडलाइन के अनुसार, रात में ड्रोन उड़ाने के लिए विशेष अनुमति जरूरी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे कानून अपने हाथ में न लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत डायल 112 पर दें।इस बीच, ग्रामीणों ने वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर आपस में सूचनाएं साझा करना शुरू कर दिया है। रात में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की खबर तुरंत आसपास के गांवों तक पहुंच जाती है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि ज्यादातर मामले अफवाहों पर आधारित हैं और लोग बेवजह डर रहे हैं।

मुरादनगर और आसपास के इलाकों में यह डर और अफवाहें कब तक थमेंगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन इतना तय है कि इन रहस्यमयी ड्रोन की कहानियों ने लोगों की रातों की नींद छीन ली है। प्रशासन और पुलिस के सामने चुनौती है कि वे इस भय के माहौल को खत्म कर लोगों में विश्वास बहाल करें।

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