मेडिकल कॉलेज के बाथरूम में युवती का वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
Published by धर्मेंद्र शर्मा
मेरठ।मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर महिला सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अमरोहा जिले की एक युवती के साथ मेडिकल कॉलेज के बाथरूम में गंभीर अपराध की घटना सामने आई है। आरोप है कि एक तीमारदार ने बाथरूम में नहाते समय युवती का वीडियो बना लिया और फिर उसे व्हाट्सएप पर भेजकर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा।
युवती की तहरीर पर मेडिकल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी पहचान के प्रयास तेज कर दिए हैं।
बीमार मां का इलाज कराने आई थी युवती
अमरोहा जिले के मंडी धनौरा क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की मां कैंसर से पीड़ित हैं। 11 जून को वह अपनी मां को इलाज के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज लेकर आई थीं। उनकी मां को वार्ड नंबर-11 में भर्ती किया गया था।
इस दौरान, एक दिन जब युवती मेडिकल कॉलेज के बाथरूम में नहा रही थी, उसी दौरान एक तीमारदार ने चोरी-छिपे उसका वीडियो बना लिया। घटना के वक्त युवती को इसका अंदेशा भी नहीं हुआ
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर बनाया दबाव
इलाज के कुछ दिन बाद युवती अपनी मां को लेकर घर लौट गई। लेकिन 28 जून को युवती के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि उसने व्हाट्सएप पर एक वीडियो भेजा है और युवती को वह देखकर जवाब देना चाहिए।
हालांकि, युवती ने शुरुआत में इस कॉल को नजरअंदाज किया। इसके बाद आरोपी लगातार कॉल करके युवती को ब्लैकमेल करने लगा। उसने कहा कि यदि शारीरिक संबंध बनाने की बात नहीं मानी तो वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा
मेडिकल कॉलेज आने पर फिर से दी धमकी
1 जुलाई को जब युवती अपनी मां का दोबारा चेकअप कराने मेडिकल कॉलेज आई, तो आरोपी ने उसे फिर से वीडियो भेजा और धमकी दी कि यदि बात नहीं मानी गई तो उसका जीवन बर्बाद कर देगा।
इस घटना से भयभीत होकर युवती ने सबसे पहले अपने एक करीबी दोस्त को इसकी जानकारी दी, जो तुरंत मेरठ पहुंच गया। इसके बाद युवती ने अपने परिजनों को भी सब कुछ बता
साक्ष्य जुटाकर की शिकायत
युवती ने आरोपी से एक नए नंबर से बात की और जानबूझकर उससे वीडियो मांगा। इस बातचीत को युवती ने रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद मेडिकल थाना पहुंचकर उसने आरोपी के खिलाफ तहरीर दी और मांग की कि वीडियो को तुरंत डिलीट कराया जाए तथा आरोपी पर सख्त कार्रवाई हो।
सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि मोबाइल नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपी की पहचान में जुटी है
मेडिकल कॉलेज में महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल
इस घटना से मेडिकल कॉलेज में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। इससे पहले भी 20 जून को न्यू आर्थो वार्ड के शौचालय में एक 13 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म की घटना सामने आई थी।
किशोरी पैर के ऑपरेशन के लिए भर्ती हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर पर आरोपी रोहित के खिलाफ दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी, पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।
इस मामले में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरसी गुप्ता ने एक तीन सदस्यीय जांच समिति भी गठित की थी, जिसे सात दिन में रिपोर्ट सौंपनी थी। लेकिन समिति की जांच में क्या निष्कर्ष निकले, किसकी लापरवाही सामने आई और क्या कार्रवाई हुई, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
अस्पताल प्रशासन की चुप्पी चिंताजनक
लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई ठोस सुरक्षा उपाय या जवाबदेही सुनिश्चित होती नहीं दिख रही है। महिलाओं के लिए अलग सुरक्षित बाथरूम, निगरानी कैमरे, और प्रवेश-निकास की चेकिंग जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं नदारद हैं।
मरीजों और तीमारदारों की भारी भीड़ वाले इस परिसर में यदि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, तो इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है।
एक तरफ मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थानों में लोग अपने बीमार परिजनों को लेकर इलाज के लिए आते हैं, वहीं दूसरी तरफ यहां पर महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
पुलिस को जहां तत्काल कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार करना चाहिए, वहीं अस्पताल प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, साफ-सफाई और गोपनीयता की निगरानी करने तथा महिला सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।



