latest_news – Nation News 18 https://nationnews18.com Latest and Breaking News Mon, 17 Apr 2023 05:21:22 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://nationnews18.com/wp-content/uploads/2024/09/cropped-images-7-32x32.png latest_news – Nation News 18 https://nationnews18.com 32 32 UPSC में वैकेंसी:30 साल तक की उम्र सीमा वाले उम्मीदवार करें अप्लाई https://nationnews18.com/2245/ https://nationnews18.com/2245/#respond Mon, 17 Apr 2023 05:21:19 +0000 https://nationnews18.com/?p=2245 गवर्मेंट जॉब्स की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर है।

UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) ने 69 पदों पर वैकेंसी निकाली है, जिसके तहत असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर और यूथ ऑफिसर के पदों पर भर्तियां की जाएंगी। इसके लिए 30 साल तक की उम्र के उम्मीदवार UPSC की ऑफिशियल वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं।
सैलरी
भर्ती प्रक्रिया में सिलेक्ट होने पर हर महीने 44 हजार 900 से लेकर 1 लाख 42 हजार 400 रुपए तक सैलरी दी जाएगी।

वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम और पदों की संख्या इस प्रकार है।

असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर34
यूथ ऑफिसर7
असिस्टेंट मिनरल इकोनॉमिस्ट (इंटेलिजेंस)4
असिस्टेंट ओरे ड्रेसिंग ऑफिसर22
रीजनल डायरेक्टर1
असिस्टेंट कमिश्नर1
पद नाम और संख्या

एप्लिकेशन फीस
इस के लिए जनरल उम्मीदवार को 25 रुपए का शुल्क अदा करना होगा। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/पीडब्ल्यूबीडी/महिला कैंडिडेट्स को कोई शुल्क नहीं देना होगा।

उम्र सीमा
उम्मीदवारों की उम्र 18 वर्ष से कम और 30 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। हालांकि, आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार छूट मिलेगी।

सिलेक्शन प्रोसेस
भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों का सिलेक्शन रिटन टेस्ट फिजिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा।

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जयपुर से दिल्ली:वंदे भारत ट्रेन के बारे में वह सब जानकारी जो आप जानना चाहते हैं https://nationnews18.com/2234/ https://nationnews18.com/2234/#respond Fri, 14 Apr 2023 07:49:56 +0000 https://nationnews18.com/?p=2234 हाल ही में राजस्थान को पहली हाई स्पीड ट्रेन मिल गई। राजस्थान और देश की पहली ट्रेन जो सैटेलाइट से चलेगी, ने वंदे भारत ने बुधवार को जयपुर से दिल्ली का पहला सफर तय किया। ट्रेन सप्ताह में 6 दिन जयपुर, अलवर और गुड़गांव होते हुए राजस्थान के अजमेर और दिल्ली कैंट के बीच दौड़ेगी।

बुधवार को ट्रेन ने जयपुर से दिल्ली कैंट तक का 300 किलोमीटर का सफर 4 घंटे 50 मिनट में तय किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली उद्घाटन कार्यक्रम में सुबह ठीक 11.30 बजे ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर जयपुर से रवाना किया। दोपहर 4 बजकर 20 मिनट पर ट्रेन दिल्ली कैंट स्टेशन पर पहुंची। 

खास विशेषताए – इस रेलसेवा में 12 वातानुकुलित चेयरकार, दो वातानुकुलित एक्जीक्यिूटिव चेयरकार और दो ड्राइविंग कार श्रेणी के डिब्बों सहित कुल 16 डिब्बे होंगे।इनमें से 2 एग्जीक्यूटिव कोच और 14 कोच नॉर्मल एसी चेयरकार है। 14 चेयरकार कोच में सीट 180 डिग्री तक ही बैक हो सकती है। वहीं 2 एग्जीक्यूटिव कोच की सीट 360 डिग्री तक घूम सकती है। ट्रेन में एक भी स्लीपर कोच नहीं है, लेकिन चेयरकार कोच में सीटों के 180 डिग्री तक फोल्ड होने के कारण आराम से नींद भी ले सकते हैं। पूरी ट्रेन में कुल 1128 यात्री बैठ सकते हैं। इनमें से 2 एग्जीक्यूटिव कोच और 14 कोच नॉर्मल एसी चेयरकार है। 14 चेयरकार कोच में सीट 180 डिग्री तक ही बैक हो सकती है। वहीं 2 एग्जीक्यूटिव कोच की सीट 360 डिग्री तक घूम सकती है। ट्रेन में एक भी स्लीपर कोच नहीं है, लेकिन चेयरकार कोच में सीटों के 180 डिग्री तक फोल्ड होने के कारण आराम से नींद भी ले सकते हैं। पूरी ट्रेन में कुल 1128 यात्री बैठ सकते हैं।

दावा है कि यह देश की सबसे सुरक्षित ट्रेन होगी क्योंकि ये सैटेलाइट से कंट्रोल होती है। सामने से कोई दूसरी ट्रेन आएगी तो सैटेलाइट से ऑटोमैटिक ब्रेक लग जाएंगे। वहीं 180 किमी प्रति घंटे की स्पीड के साथ यह देश की सबसे तेज रफ्तार वाली ट्रेन है। हालांकि अभी इसे 110 किमी/ घंटे की स्पीड से चलाया जा रहा है।

देश में पहली बार टीसीएएस(TCAS)टेक्निक इस्तेमाल – जयपुर से दिल्ली तक चल रही वंदे भारत ट्रेन के इंजन में पहली बार ट्रेन कलिजन अवॉइडेंस सिस्टम (टीसीएएस) टेक्निक काम में ली गई है। इसे ‘कवच ‘ नाम दिया गया है। टीसीएएस तकनीक सैटेलाइट से ऑपरेट होती है। इससे ट्रेनें कभी भी लाल सिग्नल पार नहीं करेगी। मेक इन इंडिया के तहत रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) ने इसे विकसित किया है। इस ट्रेन के सामने कोई ट्रेन आने और पायलट के कोहरे के कारण रेड सिग्नल नहीं देख पाने पर भी सैटेलाइट से रेडियो कम्युनिकेशन के माध्यम से ट्रेन के ऑटोमैटिक ब्रेक लग जाएंगे।

 कोच कनेक्टिंग डोर स्लाडर पैटर्न पर खुलते और बंद होते हैं, जो सेंसर्ड ऑपरेटिव है जैसा मेट्रो ट्रेन में होता है। एक बार रवाना होने के बाद इसके मेन गेट ट्रेन के पूरी तरह रुकने पर ही खुलेंगे। ट्रेन में जरा भी मूवमेंट हैं तो दरवाजे लॉक ही रहेंगे। ट्रेन की तकनीक और इसमें यूज किए गए सभी पाट्‌र्स मेड इन इंडिया हैं। दरवाजे और व्हील्स इंपोर्टेड हैं।

फ़ूड – मीनू और आइटम पैसेंजर्स की चॉइस पर रहेंगे। टिकट की बुकिंग में फ़ूड ऑर्डर की फेसिलिटी रहेगी।

टेम्प्रेचर – वंदे भारत के हर कोच में टेम्प्रेचर को कंट्रोल करने के लिए कंट्रोल बटन है, जो पैसेंजर सीट से थोड़ा दूर है। इस कंट्रोल बटन से पैसेंजर खुद एसी का टेम्प्रेचर बदल सकते हैं, हालांकि इसकी जरूरत नहीं पड़ती। हर कोच में 3 माइक्रोवेव ओवन जैसे हीट बॉक्स भी है , जहां पैसेंजर्स अपना खाना भी गर्म कर सकते हैं। इतना ही नहीं इसी के साथ एक बड़ा फ्रीजर भी मौजूद है, जहां पैसेंजर्स अपनी ड्रिंक को ठंडी भी कर पाएंगे। फ्रीजर और ओवन की मॉनिटरिंग पेंट्री स्टाफ के पास मौजूद।

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जयपुर बम धमाकों के आरोपियों की रिहाई को लेकर जयपुरवासियों में आक्रोश;की न्याय की मांग https://nationnews18.com/2221/ https://nationnews18.com/2221/#respond Thu, 13 Apr 2023 05:37:28 +0000 https://nationnews18.com/?p=2221 जयपुर में बुधवार को सड़कों पर “जयपुर मांगे न्याय” लिखी तख्तियां हाथ में लेकर आमजन के साथ-साथ भाजपा के सभी प्रमुख नेता तक राजस्थान सरकार के विरोध में प्रदर्शन करते दिखाई दिए। सरकार पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया . जयपुर बम ब्लास्ट के आरोपियों की रिहाई को लेकर संपूर्ण जयपुर सहित प्रदेश स्तर पर विरोध हो रहा है। इसी के तहत बुधवार को जयपुर की जनता सड़कों पर उतर आई और शाम को विरोध करते हुए रामलीला मैदान में विशाल आम सभा का आयोजन किया गया । जहां स्टेज पर केवल ब्लास्ट पीड़ितों के परिवार जनों को जगह दी गई बाकी आम जनता से लेकर वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री-विधायक,व्यापारमंडलों के प्रतिनिधि तक पंडाल में एक साथ बैठे।

कार्यक्रम में ब्लास्ट पीड़ित दिवंगत सुशीला देवी के परिजन एवं अन्य कई ब्लास्ट पीड़ित व उनसे परिवारजन ,विभिन्न सामाजिक धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, क्षेत्रीय व्यापार मंडलों के प्रतिनिधि, संत जनों सहित भाजपा के नामी चेहरे मौजूद रहे

इस दौरान बम ब्लास्ट पीड़िता मोबिना ने कहा कि बम ब्लास्ट करने वाले पहले गुनहगार थे तो अब क्यों नहीं रहे। कांग्रेस ने आंखें बंद कर ली है। इस सरकार को जनता जवाब देगी। किशन नामा की मां ने कहा कि मुझे बेटे को खोने का गम है। ताराचंद के बेटे शशांक ने कहा कि बम ब्लास्ट का दिन काला दिन था। एक 16 साल के बच्चे पर परिवार का बोझ आ गया। आप जनप्रतिनिधि मिलकर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाएं।

ये भी रहे मौजूद – कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, घनश्याम तिवारी, कालीचरण सराफ, रामलाल शर्मा, कैलाश वर्मा अशोक परनामी, राघव शर्मा, सांसद दिया कुमारी, ग्रेटर महापौर सौम्या गुर्जर सहित हाथोज धाम के बालमुकुंद आचार्य, समाजसेवी रवि नैयर, चंद्रप्रकाश भाड़ेवाला, व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल, विप्र महासभा के सुनील उदैया, परशुराम सेना के अनिल चतुर्वेदी, बजरंग दल के सुमित खंडेलवाल सहित शहर के अन्य प्रमुख चेहरे उपस्थित रहे


नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि यह कोई राजनीतिक मंच नहीं। जब जयपुर जख्मी हुआ, उन जख्मों को आज हम हरा देख रहे हैं। उस समय 71 लोग बेजान होकर जमीन गिर गए। चारों और चीत्कार उठा। आज वो चीत्कर और मन में दर्द पीड़ित परिवारों की आंखों में देख रहा हूं। उन्होंने कहा कि सरकार ने एएजी को हटाकर इतिश्री कर ली। अपराधियों की तरफ से बड़े-बड़े वकील आए और सरकार ने छोटा सा वकील किया। सरकार को इस जयपुर की चीत्कार को सुन लेना चाहिए। बद्दुआ जयपुर के जनमानस से निकली है। सरकार को समय रहते हुए कार्रवाई कर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की कुर्सी के पाए हिले और 92 विधायकों ने इस्तीफे दिए तो हाईकोर्ट में बड़े वकील पहुंच गए। फिर क्या मजबूरी रही कि इस मामले में बड़े वकील नहीं लगाए गए।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि दुर्भाग्य है कि क्या कारण था कि जहां लोअर कोर्ट ने फंासी की सजा सुनाई फिर गवाह और सबूत कहां चले गए। आतंकवादी सुप्रीम कोर्ट वकील खड़े कर सकती है तो सरकार एक भी बड़ा वकील खड़ा हीं कर पाइर्। किसको खुश करने के लिए सरकार को एएजी कोर्ट में एपीयर नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि बाटला हाउस में आतंकवादी मर जाते है तो सलमान खुर्शीद कहते हैं कि इनकी मौत हुई तो रातभर उनकी अम्मा के आंसू नहीं रुक पाए। तब जाकर ध्यान में आता है कि रामनवमी और नववर्ष के जुलूस को रोकने की हिमाकत क्यों की जाती है। जोशी ने विश्वास दिलाया कि पीड़ितों के सुख-दुख में भाजपा परिवार उनके साथ खड़ा है।

अरुण चतुर्वेदी ने कहा कांग्रेस सरकार के सही से पैरवी नहीं करने चलते हाईकोर्ट से आरोपियों को रिहाई मिली। क्योंकि सरकार की ओर से कोर्ट में मजबूत पैरवी नहीं की गई। बीजेपी पीड़ित परिवार की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगा। हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। आरोपियों को सजा दिलाकर रहेंगे। इस मौके पर पीड़ित परिवारों ने भी सरकार से दोषियों को सुप्रीम कोर्ट से सजा दिलवाने की मांग की।

भाजपा गुरुवार को दो गवाहों के जरिए यह एसएलपी दायर कर रही है। नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की मौजूदगी में यह पिटिश दायर की जाएगी। रामलीला मैदान में बम ब्लास्ट पीड़ितों के पक्ष में आयोजित सभा में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने इसकी घोषणा की।

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सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम की AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) द्वारा तैयार तस्वीरें हो रही वायरल https://nationnews18.com/2212/ https://nationnews18.com/2212/#respond Wed, 12 Apr 2023 08:30:07 +0000 https://nationnews18.com/?p=2212 सोशल मीडिया पर भगवान श्री राम की AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) से बनाई गई तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि जब भगवान राम 21 साल के थे.तब वो ऐसे दिखते थे. तस्वीर में वो मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं. तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी पसंद की जा रही हैं. तस्वीर शेयर करते हुए ज्यादातर लोग कैप्शन में लिख रहे हैं कि वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस सहित तमाम ग्रंथों में दिए गए विवरणों के अनुसार यह भगवान श्री रामचंद्र जी की AI जनरेटेड फोटो है. वह 21 साल की उम्र में ऐसे दिखा करते थे.

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हेरिटेज निगम के पशु प्रबंधन की लापरवाही:शहर के सौंदर्य और राहगीरों को पड रही भारी https://nationnews18.com/2202/ https://nationnews18.com/2202/#respond Wed, 12 Apr 2023 04:11:13 +0000 https://nationnews18.com/?p=2202 जयपुर हेरिटेज नगर निगम के विभिन्न वार्ड क्षेत्रों में आवारा पशुओं का तांडव मचा हुआ है.जिधर देखा जाए लगभग हर गली से लेकर मुख्य सड़क अवैध डेयरी के संचालन के तहत जगह-जगह आवारा पशु बैठे या घूमते नजर आते हैं. आए दिन विभिन्न मीडिया प्रकाशन होने के बावजूद अवैध डेयरिया संचालन करने वालों के हौसले इस कदर मजबूत है कि चौगान स्टेडियम स्थित नगर निगम के ऑफिस से 100 मीटर की दूरी से लेकर संपूर्ण शहर में अवैध डेयरिया संचालित हो रही है.


इसको लेकर जब हमारी टीम ने विभिन्न समय पर विभिन्न स्थानों पर जाकर मौका देखा तो पाया कि शहर के प्रमुख केंद्र जलमहल चौपाटी सहित सड़क के डिवाइडर के बीचो-बीच तक आवारा पशु शहर की सुंदरता को दाग लगाने के साथ-साथ राहगीरों को चोटिल करते हैं.

: इसके लिए जब हमने आमेर रोड के वार्ड 10,11, 20 जिसमें कागदीवाड़ा, शंकर नगर, गुर्जर घाटी, एयरफ़ोर्स स्कूल के आसपास का क्षेत्र दौरा किया तो पाया कि लगभग हर गली और मुख्य सड़क क्षेत्र पर आवारा पशुओं के झुंड सड़क के बीचो-बीच बैठे घूमते दिखाई दिए.


हाल ही में शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर संपूर्ण आमेर रोड पर सड़क डिवाइडर के नवीनीकरण कार्य किया गया है और जगह-जगह नए पेड़ पौधे लगाए गए हैं. उस हरियाली को भी आवारा पशुओं नुकसान पहुंचाते दिखाई दिए, साथ ही पर्यटकों का मुख्य आकर्षण केंद्र जलमहल चौपाटी जहां हजारों की संख्या में रोजाना पर्यटक पहुंचते हैं, यहां भी हमें जगह जगह आवारा पशुओं के झुंड मिले.


इसपर आमेर रोड निवासी राधेश्याम सेन ने बताया कि “हाल ही में कुछ दिन पहले घर के सामने से गुजर रही महिला को सड़क पर मौजूद गोवंश ने उठाकर इस कदर सड़क पर पटका कि उसके सिर में 8:10 टांके आए. काफी शिकायत करते हैं उसके बावजूद कोई पुख्ता कार्यवाही नहीं होती. गाड़ी आकर वापस चली जाती है.जिम्मेदार इस पर मजबूती से एक्शन लेते हुए लगातार कार्यवाही करें तभी कुछ सही हो सकता है “

नगर निगम में पशु प्रबंधन शाखा के पास इस विषय में आए दिन न जाने कितनी ही शिकायतें पहुंचती है परंतु निचले स्तर पर सांठगांठ का जोड़ इस कदर मजबूत है कि पशुओं को पकड़ने के लिए निकलने वाली गाड़ी की सूचना शिकायतकर्ता स्थान पर पहुंचने से पहले ही डेयरी संचालकों तक पहुंच जाती है और वह आकर पहले ही अपने पशुओं को भगा ले जाते हैं.

पशु प्रबंधन शाखा निगम के ही एक कर्मचारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया की “आवारा पशु पकड़ने के काम पर लगे वाहनों पर काम करने वाले स्टाफ तक के घरों और रिश्तेदारों के यहां अवैध डेरिया संचालित हो रही है, जिससे किसी भी तरह की शिकायत आने के बावजूद आगे तक सूचना पहले ही पहुंच जाती है और कार्यवाही को पूर्णत अंजाम दे पाना असंभव हो जाता है.

जयपुर शहर में पशु डेयरी संचालन पर है रोक
सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर नगर निगम क्षेत्र में पशु डेयरी संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंद लगा रखा है। इसके कारण जयपुर शहर में जहां भी पशु डेयरी संचालित होती है वहां से पशुओं (गाय-भैंस) को उठाकर उसे नगर निगम की हिंगौनिया गौशाला में भेजा जाता है। इसके अलावा शहर में घूमने वाले आवारा पशुओं काे भी पकड़ने का काम इसी शाखा के जिम्मे है।

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जयपुर में शहीद स्मारक पर सचिन पायलट का अनशन जारी; ला सकते है प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव https://nationnews18.com/2193/ https://nationnews18.com/2193/#respond Tue, 11 Apr 2023 07:31:29 +0000 https://nationnews18.com/?p=2193 जयपुर : राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के अनशन शुरु करने के साथ बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं। जयपुर के शहीद स्मारक पर सुबह 11:00 बजे से सचिन पायलट मौन रूप से धरने पर बैठे हुए हैं जो कि शाम 4:00 बजे तक चलने वाला है। कांग्रेस ने वसुंधरा सरकार पर भ्रष्टाचार के जो आरोप लगाए थे, उनकी जांच और कार्रवाई नहीं होने के कारण पायलट गहलोत सरकार के खिलाफ यह धरना दे रहे हैं।

धरना स्थल पर लगे पोस्टरों ने राजनीति के गलियारों में बड़ी हलचल मचा दी है क्योंकि यहां लगे पोस्टरों में गांधीजी के अलावा किसी भी कांग्रेसी छोटे-बड़े नेता की कोई फोटो नहीं है. सिर्फ देशभक्ति गाने बजाए जा रहे हैं और लगातार सचिन पायलट के समर्थन में आए लोग नारे भी लगा रहे है।

रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री रहते हुए घोटालों पर कार्यवाही नहीं किए जाने को मुद्दा बनाकर सचिन पायलट ने अनशन करने की घोषणा की थी. पायलट ने इस अनशन में उनके समर्थक मंत्री विधायकों को दूर रखा है और कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रंधावा ने सोमवार देर रात अपने बयान में पायलट के इस कार्यक्रम को पार्टी के विरोध का काम बताया।

राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पार्टी प्लेटफॉर्म की जगह अनशन पर जाने के पायलट के कदम पर सवाल उठाते हुए कहा- सचिन पायलट जब सवा साल डिप्टी CM रहे तब करप्शन का मुद्दा क्यों नहीं उठाया? मुझसे मुलाकात में कभी उन्होंने करप्शन पर बात नहीं की। पार्टी प्लेटफार्म पर बात करने की जगह सीधे अनशन पर बैठना गलत है।

राजनीतिक जानकारों का एक धड़ा पायलट के कांग्रेस छोड़कर खुद की पार्टी बनाने की संभावना जता रहा है। संभावनाओं को इसलिए भी बल मिला है कि लगातार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ सामने आ रही अनबन और सचिन पायलट ने जिस तरह वसुंधरा राजे और BJP के भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाया है उससे उनके तीसरे मोर्चें की तरफ रुझान की तरफ देखा जा रहा है।

अनशन के बाद सियासी लाइन साफ कर सकते हैं पायलट

सचिन पायलट दिन भर अनशन करने के साथ अपनी सियासी लाइन साफ कर सकते हैं। पायलट भाषण में गहलोत और पार्टी को लेकर क्या टोन रखते हैं, उससे उनके कांग्रेस में रहकर लड़ने या तीसरा मोर्चा बनाने का संकेत मिल जाएगा।हमारे राजनीति के सूत्रों से चर्चा यहां तक सामने आ रही है कि सचिन पायलट “प्रगतिशील कांग्रेस या इस तरह की किसी नाम से मिलती-जुलती नई पार्टी की नींव भी रख सकते हैं”

  • भारतीय किसान यूनियन सहित आम आदमी पार्टी ने भी सचिन पायलट को समर्थन दिया है।
  • राजस्थान के कई जिलों से हजारों समर्थन करने वाले लोग इस कार्यक्रम में पहुंचेंगे, ऐसा दावा किया जा रहा है।

पायलट ने कहा था- वसुंधरा से मिलीभगत के आरोप लगते हैं
सचिन पायलट ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा था कि मैंने मुख्यमंत्री गहलोत को पूर्व CM वसुंधरा राजे के समय हुए घोटालों पर कार्रवाई को लेकर दो बार चिट्ठी लिखी, लेकिन गहलोत ने कोई एक्शन नहीं लिया। वसुंधरा सरकार में हुए भ्रष्टाचार पर कार्रवाई नहीं की गई। जबकि विपक्ष में रहते हुए हमने यह वादा किया था कि जांच कराई जाएगी।

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दौसा जिले के 32वां स्थापना दिवस पर विशेष :यहां की मूर्तिकला,विश्व की सबसे बड़ी चांद बावड़ी,दरियां विदेशों में जा रही https://nationnews18.com/2187/ https://nationnews18.com/2187/#respond Mon, 10 Apr 2023 05:56:52 +0000 https://nationnews18.com/?p=2187 राजस्थान का दौसा जिला आज अपना 32 वर्ष स्थापना दिवस मना रहा है, जिले से दो मुख्यमंत्री व दो राज्यपाल सहित कई मंत्री रहे.दौसा जिले की सरकार व राजनीति में धाक आजादी के बाद से अब तक बरकरार है। यूं तो सरकार में दौसा से कोई ना कोई विधायक भागीदार रहता है, लेकिन नेतृत्व करने वाले पद पर अब से पहले दो मुख्यमंत्री दौसा से रह चुके हैं। दो राज्यपाल भी देश को दौसा ने दिए तथा एक उप मुख्यमंत्री की राजनीतिक कर्मभूमि दौसा रही है।

  • प्रसिद्ध मेहंदीपुर बालाजी,हर्षद माता मंदिर, चांद बावड़ी,पपलाज माता मंदिर, नीलकंठ मंदिर- गुप्तेश्वर महादेव सहित कई प्रख्यात स्थान भी दौसा जिले में आते हैं।
  • दौसा जिले से स्व. राजेश पायलट, मुरारी लाल मीणा, हरीश चंद्र मीणा, स्व. पंडित नवल किशोर शर्मा जैसी प्रसिद्द राजनीतिक हस्तियाँ भी दौसा की देंन रही।

दौसा राजस्थान का एक ऐतिहासिक शहर एवं लोकसभा क्षेत्र है। यह जयपुर से 54 किलोमीटर की दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग 21 पर स्थित है। दौसा लम्बे समय तक बडगुर्जरो के आधिपत्य मे रहा।दौसा के किले का निर्माण भी गुर्जरों ने करवाया।आभानेरी मे स्थित चाँदबावडी का निर्माण भी इन्ही की देन हैं। दौसा दुल्हेराय को दहेज मे प्राप्त हुआ। दौसा का नाम पास ही की देवगिरी पहाड़ी के नाम पर पड़ा। दौसा कच्छवाह राजपूतों की पहली राजधानी थी। इसके बाद ही उन्होंने आमेर और बाद में जयपुर को अपना मुख्यालय बनाया। 1562 में जब अकबर ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की जियारत को गए तब वे दौसा में रुके थे। दौसा में ऐतिहासिक महत्व के अनेक स्थान है जो यहाँ के प्राचीन साम्राज्य की याद दिलाते हैं आजादी के बाद सर्व प्रथम जो तिरंगा झंडा लाल किले पर फहराया गया वो दौसा जिले के पास स्थित गांव अलुदा में बनाया गया था। जो दौसा से 10 किमी की दूरी पर है1947 से पहले, दौसा जयपुर के कछवाहा राजपूत राजाओं की रियासत का हिस्सा था। दौसा व्यापक रूप से डूंधार के नाम से जाने जाने वाले क्षेत्र में स्थित है। चौहानों ने भी 10वीं शताब्दी ईस्वी में इस भूमि पर शासन किया था। दौसा को तत्कालीन डूनधार क्षेत्र की पहली राजधानी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। चौहान राजा सूध देव ने 996 से 1006 ईस्वी के दौरान इस क्षेत्र पर शासन किया। बाद में, 1006 ईस्वी से 1036 ईस्वी तक, राजपूत राजा दुले राय ने 30 वर्षों तक इस क्षेत्र पर शासन किया।

  • दौसा ने देश को प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी दिए हैं। टीकाराम पालीवाल और राम करण जोशी उन स्वतंत्रता सेनानियों में से थे जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई और रियासतों के एकीकरण के लिए राजस्थान राज्य बनाने के लिए अपना बहुमूल्य योगदान दिया। आजादी के बाद 1952 में टीकाराम पालीवाल राजस्थान के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री थे। इसके अलावा, राम करण जोशी राजस्थान के पहले पंचायती राज मंत्री थे जिन्होंने 1952 में विधानसभा में पहला पंचायती राज विधेयक पेश किया था।
  • कवि सुंदरदास का जन्म चैत्र शुक्ल नवमी को विक्रम संवत 1653 में दौसा में हुआ था। वह एक प्रसिद्ध निर्गुण पंथी संत थे और उन्होंने 42 ग्रन्थ लिखे, जिनमें से ज्ञान सुंदरम और सुंदर विलास प्रसिद्ध हैं।दौसा क्षेत्र में कछवाहा राज्य के संस्थापक दूल्हेराय ने लगभग 1137 ईस्वी में बड़गूजरों को हराकर अपना शासन स्थापित किया था। इसे ढूंढाड़ अंचल के कछवाहा वंश की प्रथम राजधानी बनाया गया। दौसा जिले को जयपुर से पृथक कर 10 अप्रैल 1991 को नया जिला बनाया गया ।
  • राजस्थान में सूर्यवंश के कछवाहा राजवंश (श्रीराम के पुत्र कुश की संतान) की सबसे पहली राजधानी दौसा ही थी। कछवाहा राजवंश को राजस्थान में गढ़ने वाला स्थान दौसा ही है। दूल्हेराय के समय ढूंढ़ाढ प्रदेश की पहली राजधानी दौसा थी। सोढ़देव के निधन के बाद 11वीं सदी में दूल्हेराय काे राजगद्दी मिली थी। बाद में जमवारामगढ़, फिर आमेर और इसके बाद सवाई जयसिंह के समय जयपुर को कछवाहा वंश ने अपनी राजधानी बनाया। दूल्हे राय के पिता साेढ़देव ग्वालियर के शासक थे। दूल्हेराय का ससुराल दाैसा के चाैहान राजवंश में था। तब आधे दाैसा पर चाैहान और आधे पर बड़गूजरों का शासन था।
  • दाैसा के चाैहानों ने अपने दामाद दूल्हेराय काे बुलवाकर अपना राज्य उन्हें सौंप दिया और यहां से गढ़माेरा जाकर वहां अपनी राजधानी बना ली। इसके बाद दूल्हेराय ने भांकरी के युद्ध में बड़गूजरों को परास्त कर संपूर्ण दाैसा पर अपना शासन स्थापित कर लिया। बाद में उन्होंने मांच के अधिपति से युद्ध किया। इस युद्ध में दूल्हेराय के मूर्छित होने और बाद में जमवाय माता की कृपा से होश में आकर युद्ध जीतने का इतिहास भी है। जमवाय माता का उपकार मानते हुए मांच का नाम जमवारामगढ़ हुआ और जमवाय माता को कुलदेवी माना। दूल्हेराय के समय से ही संपूर्ण कछवाहा वंश जमवाय माता को कुलदेवी के रूप में पूजता है। बाद में दूल्हेराय के पुत्र काकिलदेव ने आमेर काे राजधानी बनाया। आमेर के बाद 18वीं सदी में सवाईजयसिंह के समय कछवाहों की राजस्थान में चौथी राजधानी जयपुर को बनाया गया। कछवाहा वंश का साम्राज्य आने के बाद मुगल शासक दौसा को कभी जीत नहीं पाए थे।

 इनसे भी दौसा की पहचान…

रोज 500 किलो डोवठा की खपत

दौसा की स्पेशल मिठाई डोवठा रिश्तों में मिठास घोल रही है। मैदा, देसी घी, चीनी व बादाम आटे से विशेष हल्की आंच पर बनाते हैं। एक उत्पाद के तहत दौसा-बांदीकुई रेलवे स्टेशन पर भी मिलने लगा है। रोज 500 किलो की खपत है।

लवाण की दरियां विदेशों में जा रही

लवाण में 8 से 10 दरी उद्योग के कारखाने संचालित हैं। सप्लाई जर्मनी, ईटली, फ्रांस, इंग्लैंड में ज्यादा होती है। दरी उद्योग का सालाना 10 से 15 करोड़ का व्यापार है। विक्रम सिंह के अनुसार यूएसए में 70 प्रतिशत, यूके, कनाडा, आस्ट्रेलिया में 10% तक खपत है।​​​​​​​

विश्व की सबसे बड़ी चांद बावड़ी

जिले के आभानेरी में स्थित चांद बावड़ी विश्व प्रसिद्ध है। यहां सालभर में हजारों पर्यटक आते हैं। चांद बावड़ी की कलात्मक डिजाइन देशभर में प्रसिद्ध है। यह 13 तल गहरी बावड़ी मानी जाती है। इसे विश्व की सबसे गहरी बावड़ी माना जाता है।​​​​​​​

इंटरनेशनल स्टोन मार्ट में रहती है सिकंदरा की धाक

खास यह है कि इन इकाई यों में पत्थर भी दौसा से बाहर का ही आता है। अनूठी, बेजोड़, अलग-अलग शैलियों की कलाकृतियों की वजह से विश्वव्यापी बाजार में दाैसा की अलग ही छाप है। हालांकि स्टोन श्रमिक सिलिकोसिस की चपेट में भी आ रहे हैं, लेकिन सरकार ने सिलिकोसिस उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य जांच, उपचार व सहायता सुनिश्चित की है।

बुद्ध और देव प्रतिमाएं सबसे ज्यादा गढ़ते हैं यहां के कलाकार

देश-विदेश की होटल, पार्कों, दिल्ली सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में कर्तव्य पथ पर लाल पत्थर से नहर के ऊपर ब्रिज, दोनों रेलिंग, बोलार्ड, जालियां, गार्डन बैंच, वॉल, कोलाइडिंग आदि। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर हवामहल, लालकिला, इंडिया गेट, कुतुबमीनार, जलियांवाला बाग, कीर्ति स्तंभ, अशोक चक्र, चारमीनार, 15 चक्र सहित 55 कलाकृतियां यहीं की है। देश के बड़े शहरों की होटलों व पार्कों में सिकंदरा स्टोन ही ज्यादा लग रहा है। अमेरिका, जापान, जर्मनी, इंगलैंड, लंदन, ब्रिटेन, कुवैत, दुबई, सऊदी में यहां की नक्काशी की मांग सर्वाधिक है। यहां के व्यापारी सीधे व एक्सपोर्ट से विदेशों में माल भेजते हैं।

कंटेंट सहयोग साभार – दैनिक भास्कर , विकिपीडिया

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डायबिटीज का होम्योपैथिक द्वारा इलाज https://nationnews18.com/2178/ https://nationnews18.com/2178/#comments Sun, 09 Apr 2023 18:53:58 +0000 https://nationnews18.com/?p=2178 डायबिटीज मेलेटस (Diabetes Mellitus) एक बहुत ही सामान्य रोग है, जिसमें शरीर में इंसुलिन उत्पादन कम हो जाता है या फिर उसे उचित तरीके से नहीं उपयोग किया जाता है। यह रोग आधुनिक जीवनशैली के बढ़ते दबाव के कारण बढ़ता है। इस रोग के विकास में कई कारक शामिल होते हैं, जैसे शरीर के वजन की बढ़ती गति, अधिक मात्रा में तल मिली खुराक, लाइफस्टाइल का प्रभाव आदि।

होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. के.एम.पारीक के इस लेख में हम डायबिटीज के लक्षणों, कारणों, उपचार और डायबिटीज को प्रबंधित करने के लिए कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में चर्चा करेंगे।

डायबिटीज के लक्षण:
डायबिटीज के लक्षण में शामिल होते हैं: थकान, भूख लगने का एहसास होना, पेशाब के साथ मिश्रित शरीर के शुगर का निकलना, शरीर में खुजली, पेशाब की अधिकता, सुखी और क्षतिग्रस्त त्वचा, अनावश्यक वजन कमी, पेशाब में जलन, नाखूनों में इन्फेक्शन, नाखूनों में घाव आदि।

डायबिटीज के कारणों में निम्नलिखित शामिल हैं:
अतिरिक्त वजन और शारीरिक असंतुलन: अतिरिक्त वजन एक मुख्य कारण होता है जो डायबिटीज को उत्पन्न करता है। यह बढ़ती उम्र के साथ शरीर को इंसुलिन का संचार नहीं करने देता है। इससे शरीर में शुगर के स्तर का बढ़ना होता है।
उच्च रक्तचाप: उच्च रक्तचाप डायबिटीज के विकारों का एक और मुख्य कारण है। इससे शरीर के अंगों में शर्करा का नियंत्रण कम हो जाता है और डायबिटीज के लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं।
गलत आहार और शराब: गलत आहार खाने से और शराब पीने से भी डायबिटीज हो सकता है। उचित मात्रा में प्रतिरक्षा तंत्र का काम शराब के अधिक सेवन से असंतुलित हो जाता है और डायबिटीज के लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं।
आनुवंशिकता: डायबिटीज का प्रभाव आनुवंशिक भी होता है। इसका मतलब है कि जब कोई व्यक्ति इस रोग से पीड़ित होता है, तो उनके बच्चों को भी इस रोग का खतरा होता है।
अन्य मेडिकल कंडीशंस: कुछ अन्य मेडिकल कंडीशंस जैसे कि थायरॉइड समस्याएं, पैंक्रिएटाइटिस, कुछ दवाओं का सेवन, आदि भी डायबिटीज के विकारों का कारण बन सकते हैं।


डायबिटीज को प्रबंधित करने के लिए कुछ घरेलू उपाय
– नीम: नीम में अनेक औषधीय गुण होते हैं जो शुगर के स्तर को कम करने में मदद करते हैं। नीम के पत्तों को पानी में उबालकर पीने से शुगर के स्तर में कमी होती है।
– जामुन: जामुन में अधिक मात्रा में अंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन C, विटामिन A और बी कंप्लेक्स होता है जो शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। जामुन के पत्तों को पीसकर दिन में 2-3 बार खाने से शुगर के स्तर में कमी होती है।
– करेला: करेला में चर्बी के साथ शुगर के स्तर को कम करने के लिए कारगर गुण होते हैं। करेले को खाने से पहले या उसके रस को पीने से शुगर के स्तर में कमी होती है।
– मेथी दाने: मेथी दानों में शुगर के स्तर को कम करने के लिए अनेक औषधीय गुण होते हैं। मेथी दानों को रात भर पानी में भिगो दें और सुबह उस पानी को पीने से शुगर के स्तर में कमी होती है।
– नारियल पानी: नारियल पानी में शुगर को नियंत्रित करने के लिए उपयोगी वस्तुएं होती हैं। नारियल पानी में शर्करा नहीं होती है इसलिए यह शुगर के स्तर को नियंत्रित करता है।
– हल्दी: हल्दी अपने एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण डायबिटीज को प्रबंधित करने में मदद करती है। एक गिलास दूध में एक चम्मच हल्दी मिलाकर उसे उबालें और खाने से पहले पीएं।
– आमला: आमला शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। आमले को खाने से पहले या आमले का मुरब्बा खाने से शुगर के स्तर में कमी होती है।
मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए व्यवहारिक आदतें:
स्वस्थ आहार का पालन करें: फल, सब्जियां, पूरे अनाज, कम वसा वाले प्रोटीन और स्वस्थ वसा से भरपूर आहार का सेवन करें। सेवन से बचें जो ज्यादा तेल, नमक और शक्कर का हो।
नियमित रूप से व्यायाम करें: व्यायाम मधुमेह के ब्लड शुगर स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मामूली-उच्च-शक्ति वाले एरोबिक गतिविधियों का लक्ष्य रखें, या प्रतिदिन 30 मिनट, पांच दिनों के लिए।
ब्लड शुगर स्तरों का नियमित अवलोकन करें: नियमित रूप से अपने हेल्थकेयर प्रदाता के निर्देशों के अनुसार अपने ब्लड शुगर स्तरों का नियमित अवलोकन करें। यह मदद कर सकता है।

डॉ. के.एम.पारीक
होम्योपैथिक चिकित्सक
आदर्श नगर जयपुर


होम्योपैथिक उपचार रोगी के संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। और इससे किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं होता है। ध्यान रहे, किसी भी होम्योपैथिक उपाय को करने से पहले हमेशा होम्योपैथीक चिकित्सक से परामर्श लें.

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हवामहल विधानसभा क्षेत्र में हुआ पोस्टर विमोचन; घर-घर बांटे गए भाजपा की जनकल्याणकारी योजनाओं के कैलेंडर https://nationnews18.com/2171/ https://nationnews18.com/2171/#respond Sun, 09 Apr 2023 11:36:18 +0000 https://nationnews18.com/?p=2171 हाल ही में हवामहल विधानसभा क्षेत्र के जनसेवक एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह संयोजक वीरेंद्र शर्मा द्वारा हिंदू नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश में केंद्र सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं का विवरण साझा करने हेतु पोस्टर का विमोचन करते हुए हवामहल विधानसभा क्षेत्र एवं आसपास घर घर जाकर कैलेंडर बांटे गए

वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान सरकार की दमनकारी नीतियां एवं विभिन्न जन कल्याण हेतु बनाई गई योजनाएं केवल मात्र घोषणा बनकर रह गई है जनता को इससे किसी तरह का कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा है जबकि मोदी सरकार द्वारा बनाई गई विभिन्न जनकल्याण की योजनाओं से देशभर के विभिन्न राज्यों सहित राजस्थान की जनता को भी राहत प्रदान की गई है.

वीरेंद्र शर्मा से जब आगामी चुनाव के परिणामों को लेकर चर्चा की गई उन्होंने बताया कि आगामी समय में परिणाम स्वरूप प्रदेश की जनता तख्तापलट करेगी और भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ वापसी करेगी . साथ ही जब उनसे सवाल किया गया कि क्या आप हवा महल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रत्याशी के तौर पर खुद को देखते हैं तब इसके जवाब में शर्मा ने बताया कि पार्टी के लिए काफी वर्षों से कार्यरत हैं. साथ ही जन सेवक के रूप में उन्हें किसी परिचय की जरूरत नहीं है और यदि पार्टी अवसर देती है तो वे निश्चित रूप से चुनाव में विधायक प्रत्याशी के तौर पर भागीदारी लेंगे.

इस दौरान रविवार को पर्वतपुरी,राजीवपुरी,गुर्जरघाटी,रामगढ़ मोड़ एवं अन्य आसपास के कई क्षेत्रों में घर घर जाकर केंद्र सरकार की योजनाओं के विवरण का कैलेंडर वितरण किया गया. इसमें पार्टी के स्थानीय अशोक जांगिड़, जितेंद्र सेन, सीताराम मीणा,राधेश्याम सैन सहित अन्य सदस्य गण भी मौजूद रहे. वीरेंद्र शर्मा भारतीय जनता पार्टी के हवा महल मंडल से पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान में ग्रंथालय ई-ग्रंथालय, अध्ययन विभाग के प्रदेश सह संयोजक भी हैं

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12 अप्रैल को बम ब्लास्ट पीड़ितों के साथ जयपुर में कैंडल मार्च निकालेगी भाजपा;सुप्रीम-कोर्ट में एसएलपी भी दायर करेगी https://nationnews18.com/2168/ https://nationnews18.com/2168/#respond Sun, 09 Apr 2023 03:50:16 +0000 https://nationnews18.com/?p=2168 12 अप्रैल को भाजपा की ओर से ब्लास्ट प्रभावितों के साथ शहर में कैंडल मार्च निकाला जाएगा। कैंडल मार्च रामलीला मैदान से शाम 5 बजे शुरू होकर सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर खत्म होगा जहां बम ब्लास्ट हुआ था। इसमें राजस्थान बीजेपी के आला नेता भी शामिल होंगे।

बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी तुष्टीकरण की राजनीति से बाज नहीं आ रही है। आरोपियों की रिहाई के 12 दिन बाद भी सुप्रीम कोर्ट में कोई एसएलपी दायर नहीं की गई है। ऐसे में अब बीजेपी बम ब्लास्ट के मृतकों के परिजन और घायलों के लिए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करेगी। इसके लिए पेपर वर्क भी शुरू कर दिया गया है। जल्द ही बम ब्लास्ट के आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में लड़ाई लड़ेगी।

चतुर्वेदी ने कहा कि 2008 में देश में जगह-जगह बम ब्लास्ट और आंतक की चार घटनाएं हुई थी। समझोता एक्सपे्रस की घटना, मालेगांव कांड, हैदराबाद मक्का मज्जिद का मामला और अजमेर दरगार ब्लास्ट ऐसे चार मामले हुए। उसके बाद जयपुर में सीरियल बम बलास्ट भी हुआ। चारों आतंकी हमलों की जांच एनआईए को ट्रांसफर कर दिए जाते है। जो सेन्ट्रल एंजेंसी है। लेकिन जयपुर सीरियल ब्लास्ट का मामला एनआईए को ट्रांसफर नहीं किया गया। चतुर्वेदी ने कहा कि पिछले 4 साल में आतंकियों से संबंध रखने वाले PFI जैसे संगठनों को सरकार रैली निकलने दे रही है। उसी का नतीजा है कि उदयपुर में कन्हैया लाल हत्याकांड जैसी आतंकी घटनाएं हुई है। राजस्थान कि जनता कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति का खामियाजा भुगत रही है। ऐसे में आने वाले चुनाव में वोट की चोट से कांग्रेस को करारा जवाब दिया जायेगा।

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