नागपुर हिंसा: बाकी सब माफ, ये नहीं…कब्र से भी खोदकर निकालेंगे’; पुलिस पर हमले को लेकर विधानसभा में बोले फडणवीस
रिपोर्ट: सुनील गुप्ता

नागपुर (सुनील गुप्ता): औरंगजेब की कब्र हटाने के मुद्दे पर नागपुर में भड़की हिंसा की आंच पूरे महाराष्ट्र में फैल रही है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने नागपुर के 11 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया है। हिंसा में तीन उपायुक्त (डीसीपी) समेत 33 पुलिसकर्मी और पांच नागरिक घायल हुए हैं। पुलिस ने 50 से ज्यादा उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पांच केस दर्ज किए गए हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस का कड़ा रुख: “कब्र से भी निकालेंगे”
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इस हिंसा पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा,
“नागपुर की घटना की जांच चल रही है। जिसने भी पुलिस पर हमला किया है, उसे हम कब्र में से भी खोदकर निकालेंगे और छोड़ेगे नहीं। बाकी सब कुछ क्षम्य है, लेकिन पुलिस पर हमला कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कठोरतम कार्रवाई होगी और तय समय में होगी।”
फडणवीस ने आगे कहा कि, “नागपुर को शांति के लिए जाना जाता है। 1992 के बाद वहां कोई दंगा नहीं हुआ था। लेकिन यह घटना एक सुनियोजित साजिश थी। ऐसे लोगों पर भी सख्त कार्रवाई होगी, जो सामाजिक सौहार्द बिगाड़ते हैं और अफवाहें फैलाते हैं।”
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
हिंसा के दौरान डीसीपी निकेतन कदम पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया था, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। मुख्यमंत्री फडणवीस ने वीडियो कॉल के जरिए उनकी हालत का जायजा लिया।
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है, ताकि उपद्रवियों की पहचान की जा सके। महाराष्ट्र पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
उपद्रवियों की सुनियोजित साजिश: घरों में आगजनी और हिंसा
पुलिस जांच में सामने आया है कि उपद्रवी पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने घरों, क्लीनिकों और दुकानों को निशाना बनाया, वाहनों में आग लगाई और सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए।
गवाहों के मुताबिक, उपद्रवियों ने मास्क पहन रखे थे और उनके हाथों में लोहे की रॉड थीं। हिंसा से डरे नागपुर के लोगों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि, “हिंदू संगठनों द्वारा औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग के बाद हिंसा भड़की।”
हिंसा पर प्रशासन की सख्ती
- कर्फ्यू लागू: नागपुर के 11 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया।
- 50 गिरफ्तार: पुलिस ने 50 से ज्यादा उपद्रवियों को हिरासत में लिया।
- 5 केस दर्ज: हिंसा फैलाने वालों पर पांच मामले दर्ज किए गए।
- पुलिसकर्मियों पर हमला: तीन डीसीपी सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हुए।
महाराष्ट्र में बढ़ रहा तनाव
हिंसा के बाद महाराष्ट्र का माहौल गरमा गया है। नागपुर के अलावा मुंबई, पुणे और औरंगाबाद में भी अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन लगातार अफवाहों पर नजर बनाए हुए है और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है।
पुलिस और प्रशासन के अनुसार पूरी तरह नियंत्रण में है।