31st May 2024

उत्तर प्रदेश

दारुल उलूम देवबंद में महिलाओं के प्रवेश पर लगाई गई पाबंदी

ब्यूरो रिपोर्ट

देवबंद मदरसे प्रबंधन का कहना है कि मदरसे के परिसर में रील बनाने वाली महिलाए व युवतियों की वजह से वहां पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई पर असर देखने को मिल रहा है इसलिए ही दारुल उलूम में महिलाओ व युवतियों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। मदरसे की संस्था के फैसले को लेकर सभी हैरत मे है मगर इस कदम पर संस्था का कहना है कि महिलाएं व युवतियां यहां आकर रील बनाती है जिससे यहां पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। वही दूसरी वजह मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने बताई कि दारुल उलूम में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाई है। बहुत ज्यादा तादाद में महिलाएं यहां आकर वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर रही थीं। जिसकी वजह से पूरे मुल्क में छवि खराब हो रही थी। जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर देशभर से इसकी शिकायत भी आ रही थी। तभी जाकर यह फैसला लिया गया है। उन्होने आगे कहा कि दारुल उलूम एक शिक्षा लेने की जगह है किसी भी ऐसी जगह में इस तरह के कृत्य बेहतर नहीं हैं। इतना ही नहीं दारुल उलूम में शिक्षा का नवीन सत्र आरंभ हुआ है। अधिक भीड़ होने के कारण छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी। छात्रों की तरफ से भी कई बार इसकी शिकायत की गई है। दारुल उलूम की लाइब्रेरी और अन्य इमारत की सुंदरता को देखने के लिए अक्सर महिलाएं वहां पर चली जाती थीं। इसके अलावा यदि किसी के परिवार का सदस्य वहां तालीम ले रहा है तो भी महिलाएं चली जाती थीं। अब सभी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस प्रतिबंध के बाद कोई भी महिला परिसर में नहीं आ सकेंगी। मोहतमिम ने कहा कि परिसर में प्रतिबंध पर कुछ महिलाओं ने विरोध भी किया, लेकिन समझाने पर वह मान गईं। सभी बातों को ध्यान में रखकर पाबंदी लगाने का फैसला लिया गया है। इसके तहत संस्था के अंदर निर्माणाधीन लाइब्रेरी और एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया में भी महिलाएं नहीं जा सकेंगी।

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